मुंबई से इस वक्त की बड़ी और तीखी राजनीतिक खबर सामने आ रही है, जहां डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के ऐतिहासिक निवास स्थान ‘राजगृह’ को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता अनंत गाडगील ने मुंबई महानगरपालिका और राज्य की सत्ताधारी बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गाडगील का कहना है कि 14 अप्रैल को डॉ. आंबेडकर जयंती के मौके पर ‘राजगृह’ के बाहर लगाए गए अस्थायी शौचालय अब तक हटाए नहीं गए हैं, जिससे स्थानीय नागरिकों में नाराजगी है।

अनंत गाडगील ने आरोप लगाया है कि यह स्थिति न केवल लापरवाही को दर्शाती है, बल्कि ‘राजगृह’ जैसे ऐतिहासिक स्थल की गरिमा के साथ भी समझौता है। उनका कहना है कि कई दिनों से शिकायतों के बावजूद प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की।
गाडगील ने यह भी याद दिलाया कि पहले विधान परिषद में उठाए गए सवालों के दौरान सरकार ने खुद ‘राजगृह’ के 500 मीटर के दायरे में किसी भी तरह के अतिक्रमण पर रोक लगाने की बात कही थी, लेकिन आज हालात इसके उलट नजर आ रहे हैं।
उनके मुताबिक, आज ‘राजगृह’ के आसपास टैक्सी स्टैंड, फेरीवाले और अवैध वाहनों की आवाजाही बढ़ गई है, जिससे परिसर की गरिमा प्रभावित हो रही है।कांग्रेस नेता ने एफ-डिवीजन के उपआयुक्त पर भी गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है और कहा है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
इसी के साथ अनंत गाडगील ने सवाल उठाया है कि मुंबई महानगरपालिका में सत्ता में आने के बाद क्या यही भारतीय जनता पार्टी का डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के प्रति सम्मान है? फिलहाल इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है और इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी तेज होने के आसार हैं।