
भिवंडी, 23 अगस्त: भिवंडी तालुका के दिंडीगड पहाड़ पर रविवार को दो गुटों के बीच विवाद के बाद जमकर मारपीट हो गई। घटना में करीब पांच से छह लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घायलों को इलाज के लिए भिवंडी उपजिला अस्पताल ले जाया गया, जहां दोनों पक्ष एक बार फिर आमने-सामने आ गए और हंगामा शुरू हो गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।
रविवार की छुट्टी होने के कारण दिंडीगड पहाड़ पर बड़ी संख्या में लोग घूमने पहुंचे थे। इसी दौरान पहाड़ की ओर जा रहे कुछ युवकों को कथित तौर पर रास्ते में रोके जाने के बाद कहासुनी शुरू हुई। एक पक्ष की ओर से युवकों के पास चिकन होने का आरोप लगाया गया, जबकि दूसरे पक्ष ने आरोप लगाया कि कुछ दोपहिया वाहन रास्ते में खड़े कर उन्हें आगे जाने से रोका गया था। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ा और दोनों पक्षों में मारपीट हो गई।
घटना में घायल युवकों को भिवंडी उपजिला अस्पताल लाया गया। पुलिस ने दूसरे पक्ष के युवकों को भी मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेजा था। इसी दौरान अस्पताल परिसर में दोनों पक्ष फिर आमने-सामने आ गए और दोबारा हंगामा हुआ। पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को अलग किया।
अबू आसिम आजमी ने लगाए गंभीर आरोप
समाजवादी पार्टी के विधायक और महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष अबू आसिम आजमी ने घटना को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। आजमी के मुताबिक, कुछ मुस्लिम युवक दिंडीगड पहाड़ पर घूमने गए थे, जहां कथित तौर पर उन्हें रोककर मारपीट की गई और ‘जय श्रीराम’ का नारा लगाने के लिए दबाव बनाया गया।
आजमी ने आरोप लगाया कि युवकों पर हाथ में मांस लेकर मंदिर में डालने आने का आरोप लगाकर उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने दावा किया कि करीब 30 से 40 लोगों ने युवकों को घेरकर पीटा। आजमी ने मोबाइल फोन और पैसे छीनने तथा आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया है।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम और आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।
अस्पताल में दोबारा हुआ विवाद
अस्पताल परिसर में हुई दूसरी मारपीट को लेकर भी अबू आसिम आजमी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि शुरुआती घटना में युवकों की कथित पिटाई के बाद उनके साथियों में आक्रोश था और इसी प्रतिक्रिया में अस्पताल में विवाद हुआ।
आजमी ने पुलिस और प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि दोनों घटनाओं को जोड़कर जांच की जानी चाहिए।
फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू है। भिवंडी तालुका पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही मारपीट की वास्तविक वजह, लगाए गए आरोपों की सत्यता और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।