भारतीय घरेलू क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी 2025-26 के फाइनल में इतिहास रचते हुए जम्मू-कश्मीर ने अपना पहला खिताब जीत लिया। हुबली के केएससीए ग्राउंड पर खेले गए पांच दिवसीय मुकाबले में टीम ने कर्नाटक को पहली पारी की बढ़त के आधार पर मात दी।
मैच ड्रॉ रहा, लेकिन जम्मू-कश्मीर ने पहली पारी में 584 रन बनाकर 291 रन की विशाल बढ़त हासिल की, जो अंततः निर्णायक साबित हुई। कप्तान पारस डोगरा की अगुवाई में टीम ने 67 साल का इंतजार खत्म करते हुए भारतीय घरेलू क्रिकेट का सर्वोच्च सम्मान अपने नाम किया।
तेज गेंदबाज औकिब नबी दार इस सीजन के सबसे बड़े नायक बनकर उभरे। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 60 विकेट झटके और फाइनल में भी पांच विकेट लेकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। गेंद और बल्ले दोनों से शानदार प्रदर्शन ने जम्मू-कश्मीर को ऐतिहासिक सफलता दिलाई।

रणजी ट्रॉफी के इतिहास की बात करें तो मुंबई का दबदबा अब भी कायम है। पूर्व में बॉम्बे के नाम से खेलने वाली मुंबई टीम ने अब तक रिकॉर्ड 42 खिताब जीते हैं। 1958-59 से 1972-73 के बीच लगातार 15 सीजन तक ट्रॉफी जीतना आज भी एक अनोखा रिकॉर्ड है, जिसे कोई अन्य टीम नहीं दोहरा सकी है।
रणजी ट्रॉफी की शुरुआत 1934-35 में हुई थी। प्रारंभ में इसे “क्रिकेट चैंपियनशिप ऑफ इंडिया” कहा जाता था, लेकिन दूसरे सीजन से पहले इसका नाम बदलकर रणजी ट्रॉफी कर दिया गया। यह नाम महान क्रिकेटर कुमार श्री रणजीतसिंहजी के सम्मान में रखा गया, जो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले पहले भारतीयों में शामिल थे।

पहला रणजी मैच 4 नवंबर 1934 को मद्रास और मैसूर के बीच खेला गया था। 2025-26 सीजन में इलाइट कैटेगरी की 32 और प्लेट कैटेगरी की 6 टीमों सहित कुल 38 टीमों ने हिस्सा लिया। कोविड-19 के कारण 2020-21 सीजन रद्द होने के अलावा यह टूर्नामेंट हर साल नियमित रूप से आयोजित होता रहा है।
जम्मू-कश्मीर की यह ऐतिहासिक जीत न केवल राज्य के लिए, बल्कि भारतीय घरेलू क्रिकेट के लिए भी एक नई प्रेरणा बनकर सामने आई है।