मुंबई में इस बार होली के रंगों के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी गूंजा। मुंबई की महापौर रितू तावड़े ने घाटकोपर पूर्व स्थित राजावाडी उद्यान में ‘फूलों की होली’ नाम से एक अनोखा और पर्यावरण-अनुकूल उपक्रम आयोजित किया।

3 मार्च 2026 की सुबह आयोजित इस कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर विधायक पराग शाह भी उपस्थित रहे।
महापौर रितू तावड़े ने कहा कि होली और धुलिवंदन जैसे त्योहार आनंद और जिम्मेदारी के साथ मनाए जाने चाहिए। रासायनिक रंगों से दूरी, पानी की बर्बादी पर रोक और प्राकृतिक साधनों का उपयोग इन्हीं मूल्यों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से ‘फूलों की होली’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान रंगों की जगह फूलों की पंखुड़ियों से धुलिवंदन मनाया गया, जिससे न तो पानी की बर्बादी हुई और न ही प्रदूषण फैला।

कार्यक्रम के बाद पूरे परिसर की सफाई की गई और इस्तेमाल किए गए फूलों को एकत्र किया गया। इन फूलों का उपयोग अब जैविक खाद बनाने के लिए किया जाएगा। इस पहल से न केवल कचरे में कमी आएगी, बल्कि ‘स्वच्छ और हरित मुंबई’ के संकल्प को भी मजबूती मिलेगी।
महापौर ने नागरिकों से अपील की कि होलिका दहन के दौरान हरे पेड़ों की कटाई न करें, सूखी लकड़ियों का उपयोग करें और प्लास्टिक, टायर या रसायनयुक्त सामग्री जलाने से बचें। साथ ही रंगपंचमी पर पानी की बर्बादी रोकें और प्राकृतिक, जैविक रंगों का प्रयोग करें।

विधायक पराग शाह ने कहा कि यह पहल केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि एक प्रेरणादायक संदेश है। उन्होंने नागरिकों से ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण रखने, अस्पतालों और आवासीय क्षेत्रों में शोर की सीमा का पालन करने और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने की अपील की।
‘फूलों की होली’ पहल ने यह संदेश दिया कि त्योहारों की खुशियां प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर भी मनाई जा सकती हैं और हर नागरिक का छोटा कदम मुंबई को स्वच्छ, हरित और स्वस्थ बनाने में बड़ी भूमिका निभा सकता है।