
मुंबई: मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल ने एक बार फिर महाराष्ट्र सरकार पर दबाव बढ़ाते हुए मुंबई में आमरण अनशन की चेतावनी दी है। आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर सरकार की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन को फिर मुंबई तक ले जाने की बात सामने आई है।
जरांगे पाटिल लंबे समय से मराठा समुदाय को आरक्षण का लाभ दिलाने और पात्र मराठों को कुणबी प्रमाणपत्र देने की मांग कर रहे हैं। मई 2026 में भी उन्होंने अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया था, जिसे सरकार के साथ बातचीत के बाद समाप्त किया गया था।
जरांगे पाटिल का कहना है कि सरकार को मराठा आरक्षण से जुड़े अपने आश्वासनों को जल्द पूरा करना चाहिए। मांगों पर ठोस प्रगति नहीं हुई तो बड़े आंदोलन और मुंबई में अनशन का रास्ता अपनाया जा सकता है।
पिछले वर्ष मुंबई के आजाद मैदान में जरांगे पाटिल के आंदोलन के दौरान बड़ी संख्या में समर्थक जुटे थे और दक्षिण मुंबई में यातायात तथा जनजीवन पर भी असर पड़ा था। इसी वजह से उनकी ताजा चेतावनी को लेकर प्रशासन और राजनीतिक हलकों में भी नजरें बनी हुई हैं।