
मुंबई:
राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े हालिया विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक सदा सरवणकर ने कहा कि यदि किसी ट्रस्टी को कोई संदेह था और उन्होंने पत्र लिखा है, तो पहले यह देखना होगा कि वह कदम उचित था या नहीं।
सरवणकर ने कहा कि उन्होंने अभी तक पूरा पत्र नहीं पढ़ा है, इसलिए उस पर अंतिम टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित पक्षों से बातचीत के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि पत्र में “आधा सच” है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनके अनुसार, यदि ट्रस्ट की आय बढ़ी है तो उसका विस्तृत और पारदर्शी रिपोर्ट भी सार्वजनिक होनी चाहिए।
सदा सरवणकर ने कहा कि मामले के सभी तथ्यों के सामने आने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाना चाहिए। उन्होंने पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया।