
महाराष्ट्र में रिक्षा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा सीखने के नियम को लेकर चल रहे विवाद में बॉम्बे हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। राज्य सरकार ने चालकों को मराठी सीखने के लिए एक साल की अतिरिक्त मोहलत देने की जानकारी अदालत को दी, जिसके बाद हाईकोर्ट ने इस मामले में दायर याचिका का निपटारा कर दिया।
सरकार के नियम के तहत ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और ऐप आधारित कैब चालकों के लिए मराठी का कामचलाऊ ज्ञान जरूरी किया गया है। अतिरिक्त समय मिलने से चालकों को भाषा सीखने और नियमों का पालन करने के लिए अब ज्यादा समय मिलेगा।
राज्य सरकार ने चालकों की मदद के लिए मराठी प्रशिक्षण केंद्र और हेल्पलाइन शुरू करने की भी घोषणा की है।