
मुंबई से बड़ी राजनीतिक खबर सामने आ रही है, जहां बीजेपी के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बन ने शिवसेना (उबाठा गुट) के नेता संजय राऊत पर तीखा हमला बोला है। पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में बीजेपी की जीत के बाद राऊत के बयान पर पलटवार करते हुए बन ने कहा कि “मशाल बुझाने की सुपारी खुद संजय राऊत ने ले रखी है और वही उबाठा गुट का आखिरी दीपक बुझाने का काम कर रहे हैं।”
मुंबई बीजेपी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में नवनाथ बन ने कहा कि बीजेपी एक “सूर्य” की तरह है, जिसे जनता का आशीर्वाद मिला हुआ है, और जब तक जनता का साथ रहेगा, पार्टी को कोई हरा नहीं सकता। उन्होंने संजय राऊत के उस बयान पर भी निशाना साधा, जिसमें बीजेपी की जीत को “बुझते दीपक की आखिरी लौ” बताया गया था।
बन ने आगे पश्चिम बंगाल की राजनीति पर भी टिप्पणी करते हुए ममता बनर्जी पर आरोप लगाया कि उन्होंने कभी जनमत का सम्मान नहीं किया। उन्होंने कहा कि 15 साल तक बंगाल में “दादागिरी” चली और अब जनता ने उन्हें नकार दिया है, लेकिन फिर भी उनका रवैया नहीं बदला। उन्होंने संजय राऊत को चुनौती देते हुए कहा कि अगर वे ममता बनर्जी का समर्थन करते हैं, तो सीधे पश्चिम बंगाल जाकर उनके आंदोलन में शामिल हों।
उद्धव ठाकरे पर भी हमला बोलते हुए नवनाथ बन ने कहा कि बीजेपी के नेता जनता के बीच जाकर काम करते हैं, जबकि उद्धव ठाकरे और संजय राऊत घर बैठकर राजनीति करते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि मुख्यमंत्री पद जाने के बाद उद्धव ठाकरे ने विधान परिषद से इस्तीफा देने की बात कही थी, लेकिन चार साल तक उन्होंने ऐसा नहीं किया।
इसके साथ ही बन ने भोर में एक मासूम बच्ची के साथ हुई घटना का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार इस मामले में पूरी तरह गंभीर है और आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अपील की कि ऐसे संवेदनशील मामलों में राजनीति नहीं की जानी चाहिए।
कुल मिलाकर, महाराष्ट्र की राजनीति में बयानबाज़ी तेज होती जा रही है, और आने वाले समय में यह टकराव और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।