Home दुनियामोबाइल यूटीएस सहायकों का कमाल: 5.40 लाख यात्रियों को मिली आसान टिकट सुविधा, 6.89 करोड़ का राजस्व

मोबाइल यूटीएस सहायकों का कमाल: 5.40 लाख यात्रियों को मिली आसान टिकट सुविधा, 6.89 करोड़ का राजस्व

by Kalpana Pandey
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मोबाइल यूटीएस सहायकों का कमाल: 5.40

मध्य रेल ने यात्रियों की सुविधा को और बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मोबाइल यूटीएस सहायकों की पहल को सफलतापूर्वक लागू किया है। इस सुविधा के जरिए अब यात्रियों को लंबी कतारों में खड़े रहने की जरूरत नहीं पड़ रही है, बल्कि टिकट सीधे उनके पास पहुंचकर उपलब्ध कराया जा रहा है।


इस सेवा की शुरुआत 31 अक्टूबर 2025 को छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस यानी सीएसएमटी से की गई थी, जहां शुरुआती दौर में तीन सहायकों को तैनात किया गया था। यात्रियों से मिले सकारात्मक फीडबैक और बढ़ती भीड़ को देखते हुए जनवरी 2026 में पांच और सहायकों की नियुक्ति की गई, जिससे कुल संख्या बढ़कर आठ हो गई।


आंकड़ों की बात करें तो 31 अक्टूबर 2025 से 30 अप्रैल 2026 के बीच इन मोबाइल यूटीएस सहायकों ने करीब 5 लाख 40 हजार यात्रियों को 3 लाख 86 हजार टिकट जारी किए। इस दौरान मध्य रेल को 6 करोड़ 89 लाख रुपये का राजस्व भी प्राप्त हुआ, जो इस पहल की सफलता को दर्शाता है।
सिर्फ अप्रैल महीने में ही 1 लाख 72 हजार यात्रियों को 1 लाख 25 हजार टिकट जारी किए गए, जिससे 2 करोड़ 22 लाख रुपये की आय हुई। यह आंकड़े साफ बताते हैं कि यह सुविधा यात्रियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है।


मोबाइल यूटीएस सहायकों को स्मार्टफोन और पोर्टेबल टिकट प्रिंटिंग मशीन दी गई है, जिससे वे स्टेशन परिसर, वेटिंग एरिया या कॉनकोर्स में यात्रियों के पास जाकर तुरंत टिकट जारी करते हैं। खास बात यह है कि यात्री डिजिटल या नकद, दोनों तरीकों से भुगतान कर सकते हैं।


इस पहल का एक और बड़ा फायदा यह हुआ है कि बिना टिकट यात्रा पर भी काफी हद तक रोक लगी है। मौके पर टिकट मिलने से यात्रियों को सहूलियत मिली है और भीड़भाड़ के चलते होने वाली परेशानी भी कम हुई है। कुल मिलाकर, मध्य रेल की यह पहल यात्रियों के लिए न सिर्फ समय बचाने वाली है, बल्कि रेलवे के राजस्व में भी इजाफा कर रही है, और भविष्य में इसे और विस्तार देने की योजना पर भी काम किया जा रहा है।

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