
मुंबई: महाराष्ट्र में मराठी भाषा को लेकर जारी विवाद के बीच मराठी एकीकरण समिति के गोवर्धन देशमुख ने कुछ लोगों के विरोध प्रदर्शनों पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग की है। देशमुख का आरोप है कि महाराष्ट्र ने देश के अलग-अलग हिस्सों से आए लोगों को रोजगार और अवसर दिए, लेकिन अब कुछ लोग राज्य के नियमों और मराठी भाषा का विरोध कर रहे हैं।
गोवर्धन देशमुख ने कहा कि मुंबई की मराठी पहचान के लिए 107 हुतात्माओं ने बलिदान दिया था, ऐसे में मराठी भाषा के अपमान को स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने पुलिस और परिवहन विभाग से सड़क जाम कर आम नागरिकों को परेशान करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर उपलब्ध वीडियो और अन्य फुटेज के आधार पर नियम तोड़ने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने सभी ऑटो चालकों से महाराष्ट्र के कानून और नियमों का पालन करने की अपील की।
देशमुख के बयान के बाद मराठी भाषा और महाराष्ट्र की पहचान को लेकर चल रही बहस एक बार फिर चर्चा में आ गई है।