Home देशRTI ने खोली भाजपा की पोल: मुंबई में ‘बांग्लादेशी’ मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास ही कोई आंकड़ा नहीं

RTI ने खोली भाजपा की पोल: मुंबई में ‘बांग्लादेशी’ मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास ही कोई आंकड़ा नहीं

by Real Khabren
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RTI ने खोली भाजपा की पोल:

मुंबई, 9 जनवरी।
मुंबई महानगरपालिका चुनावों की आहट के साथ ही भारतीय जनता पार्टी एक बार फिर बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठ का मुद्दा उठाकर धार्मिक ध्रुवीकरण की राजनीति में जुट गई है। लेकिन इस बार सूचना के अधिकार के तहत केंद्रीय गृह मंत्रालय से मिले जवाब ने भाजपा के दावों की हवा निकाल दी है। आरटीआई के जवाब में साफ कहा गया है कि पिछले तीन वर्षों में मुंबई में कितने बांग्लादेशी पकड़े गए, कितने मामलों को एफआरआरओ को सौंपा गया और कितनों को वापस भेजा गया इस संबंध में मंत्रालय के पास कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।

इसी मुद्दे को लेकर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव और मुंबई कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सचिन सावंत ने भाजपा पर करारा हमला बोला है। मुंबई कांग्रेस कार्यालय राजीव गांधी भवन में आयोजित पत्रकार परिषद में उन्होंने कहा कि भाजपा हर चुनाव में बांग्लादेशी और रोहिंग्या का डर दिखाकर हिंदू–मुस्लिम विवाद को भड़काती है, लेकिन जब आधिकारिक आंकड़े मांगने की बात आती है तो खुद केंद्र सरकार के पास कोई ठोस जानकारी नहीं होती।

सचिन सावंत ने खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमित साटम, आशीष शेलार, मंगलप्रभात लोढ़ा और अन्य भाजपा नेताओं में हिम्मत है, तो वे पिछले तीन वर्षों में मुंबई से पकड़े गए बांग्लादेशियों की आधिकारिक संख्या सार्वजनिक करें। उन्होंने आरोप लगाया कि मालवणी समेत कई इलाकों में बांग्लादेशी-रोहिंग्या के नाम पर कार्रवाई करते हुए हिंदुओं और दलितों के घर तक तोड़े गए, लेकिन अब जब आंकड़ों की बात आई तो केंद्र सरकार ही पल्ला झाड़ रही है।


सचिन सावंत ने सवाल उठाया कि जिस केंद्रीय गृह मंत्रालय पर देश की आंतरिक सुरक्षा और घुसपैठ रोकने की जिम्मेदारी है, वही मंत्रालय अगर कहे कि उसके पास कोई जानकारी नहीं है, तो यह भाजपा की राजनीति की सच्चाई को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि जब पिछले 12 वर्षों से देश में भाजपा की सरकार है और गृह मंत्रालय खुद अमित शाह के पास है, तो यदि वास्तव में बांग्लादेशियों की संख्या बढ़ रही है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है? क्या डबल इंजन सरकार सो रही थी?

उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा नेता लगातार घुसपैठियों के नाम पर शोर मचाते हैं, लेकिन आरटीआई के जवाब से साफ है कि यह मुद्दा केवल चुनावी फायदा उठाने और समाज में नफरत फैलाने के लिए उछाला जा रहा है।
सचिन सावंत ने मुंबई में मुस्लिम आबादी बढ़ने के भाजपा के दावे को भी झूठा बताया। उन्होंने कहा कि हाल ही में मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमित साटम ने टीआईएसएस (TISS) की एक रिपोर्ट का हवाला देकर दावा किया था कि मुंबई में मुस्लिम आबादी बढ़ी है और हिंदू आबादी घटी है। लेकिन बूम लाइव के फैक्ट-चेक में यह दावा गलत साबित हुआ है। फैक्ट-चेक में सामने आया कि इस रिपोर्ट की भाषा और निष्कर्ष दिल्ली चुनाव से पहले भाजपा द्वारा जेएनयू की रिपोर्ट के नाम पर किए गए दावों से शब्द-दर-शब्द मिलते-जुलते हैं।

बूम लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, इन तथाकथित अध्ययनों को तैयार करने वाले लोग विशेषज्ञ नहीं थे और रिपोर्ट की भाषा भड़काऊ थी। सचिन सावंत ने आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आते ही भाजपा झूठी और भ्रामक जानकारियां फैलाकर मुंबई और महाराष्ट्र के सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही है।

अंत में उन्होंने कहा कि मुंबई की जागरूक जनता भाजपा की झूठी बातों और धार्मिक नफरत फैलाने वाले एजेंडे का शिकार नहीं बनेगी। आरटीआई से सामने आए तथ्यों और बूम लाइव के फैक्ट-चेक ने यह साफ कर दिया है कि बांग्लादेशी और जनसंख्या का मुद्दा भाजपा की एक सुनियोजित राजनीतिक साजिश है, जिसका मकसद सिर्फ और सिर्फ चुनावी लाभ उठाना है।

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