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आजमगढ़ जिला पंचायत में भ्रष्टाचार पर शिकंजा, अध्यक्ष विजय यादव को स्पष्टीकरण नोटिस जारी

by Real Khabren
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आजमगढ़ जिला पंचायत में भ्रष्टाचार पर

आजमगढ़ : आजमगढ़ जिला पंचायत में कथित भ्रष्टाचार के मामले में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। जिला पंचायत अध्यक्ष विजय यादव को शासन की ओर से स्पष्टीकरण हेतु नोटिस जारी किया गया है। इस पूरे मामले को लेकर भाजपा लालगंज के पूर्व जिलाध्यक्ष सूरज प्रकाश श्रीवास्तव ने प्रेस वार्ता कर समाजवादी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए।

सूरज प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में जिला पंचायत में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया। इसी को लेकर भाजपा का एक-एक कार्यकर्ता और पदाधिकारी लगातार आवाज उठा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 से जिला पंचायत में हुए कार्यों की जांच शुरू कराई गई थी, जिसमें अपर मुख्य अधिकारी, अवर अभियंता और जेई सहित तीन अधिकारियों को उत्तर प्रदेश शासन द्वारा निलंबित किया जा चुका है।

भाजपा नेता ने कहा कि उनकी लगातार मांग रही है कि इस पूरे प्रकरण में जिला पंचायत अध्यक्ष विजय यादव की भूमिका की भी जांच हो, क्योंकि वे भी प्रथमदृष्टया जिम्मेदार पाए गए हैं। उन्होंने बताया कि माननीय राज्यपाल की ओर से प्रमुख सचिव ने विजय यादव को इस भ्रष्टाचार में प्रथमदृष्टया दोषी माना है, जिसके बाद उन्हें स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया गया है।

प्रेस वार्ता में बताया गया कि आरोप है कि ऐसे सात कार्यों के टेंडर जारी किए गए, जिनका काम 5 से 6 महीने पहले ही पूरा हो चुका था। इसके बावजूद निविदा प्रकाशित कराकर टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई और वित्तीय लाभ उठाया गया। शासन ने इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए कार्रवाई की है।

सूरज प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष को 30 दिन के भीतर नोटिस का जवाब देना होगा। यदि निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, तो उनकी वित्तीय शक्तियां सीज की जा सकती हैं। साथ ही उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई करते हुए पद से हटाने और भविष्य में चुनाव लड़ने पर रोक भी लगाई जा सकती है।

भाजपा नेता ने इस कार्रवाई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति का परिणाम बताया और कहा कि उत्तर प्रदेश में अब भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला पंचायत में एक संगठित सिंडिकेट के जरिए पहले से कराए गए कार्यों पर दोबारा टेंडर कर वित्तीय लाभ उठाया जाता रहा है, जिसे अब उजागर किया गया है।

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