Home देशजेन-Z की भक्ति से लेकर वोटर उत्सव तक… ‘मन की बात’ में पीएम मोदी का व्यापक संदेश

जेन-Z की भक्ति से लेकर वोटर उत्सव तक… ‘मन की बात’ में पीएम मोदी का व्यापक संदेश

by Real Khabren
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ के 130वें एपिसोड के जरिए देशवासियों से संवाद किया। यह साल 2026 का पहला ‘मन की बात’ कार्यक्रम था, जिसमें पीएम मोदी ने लोकतंत्र, युवाओं, स्टार्टअप, संस्कृति, पर्यावरण, स्वच्छता, परिवार व्यवस्था और मिलेट जैसे विषयों पर विस्तार से अपनी बात रखी। गणतंत्र दिवस और नेशनल वोटर डे की पूर्व संध्या पर प्रधानमंत्री का यह संबोधन खास माना जा रहा है।

पीएम मोदी ने सबसे पहले नेशनल वोटर डे का जिक्र करते हुए युवाओं से अपील की कि 18 वर्ष की आयु पूरी होते ही खुद को मतदाता के रूप में पंजीकृत कराएं। उन्होंने कहा कि वोटर बनना जीवन का अहम पड़ाव है और इसे एक उत्सव की तरह मनाया जाना चाहिए। पहली बार वोट देने वाले युवाओं का स्वागत किया जाए, ताकि लोकतंत्र के प्रति उनकी जिम्मेदारी और मजबूत हो।

इसके बाद प्रधानमंत्री ने स्टार्टअप इंडिया की 10 साल की यात्रा को याद किया। उन्होंने कहा कि 2016 में शुरू हुई यह पहल आज इतिहास रच रही है और भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। पीएम मोदी ने युवाओं के इनोवेशन की सराहना करते हुए इस साल ‘क्वालिटी’ को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इंडियन प्रोडक्ट का मतलब अब टॉप क्वालिटी बनना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने देशवासियों की सामूहिक शक्ति और समस्या-समाधान की भावना पर भी जोर दिया। यूपी के आजमगढ़ में तमसा नदी के पुनर्जीवन और आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में जल संरक्षण के प्रयासों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जब लोग एकजुट होकर संकल्प लेते हैं, तो बड़े बदलाव संभव होते हैं।

संस्कृति की बात करते हुए पीएम मोदी ने जेन-Z के बीच लोकप्रिय हो रही ‘भजन-क्लबिंग’ का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक मंच और संगीत के बीच भी भक्ति की मूल भावना जीवित है, जो भारतीय संस्कृति की गहराई को दर्शाती है। साथ ही विदेशों में भारतीय संस्कृति की बढ़ती पहचान का भी जिक्र किया।

परिवार व्यवस्था को भारत की ताकत बताते हुए प्रधानमंत्री ने गुजरात के एक गांव की सामूहिक रसोई परंपरा और यूएई के ‘ईयर ऑफ फैमिली’ पहल का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि परिवार और समाज की मजबूती से हर चुनौती पर विजय पाई जा सकती है।

स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण पर बोलते हुए पीएम मोदी ने अरुणाचल प्रदेश, असम, बेंगलुरु और चेन्नई के युवाओं के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास बड़े बदलाव लाते हैं। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का उल्लेख करते हुए बताया कि देश में अब तक 200 करोड़ से ज्यादा पेड़ लगाए जा चुके हैं।

कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री ने मिलेट यानी श्रीअन्न को लेकर किसानों के इनोवेशन की प्रशंसा की। राजस्थान के किसानों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि मिलेट से किसानों की आय बढ़ रही है और लोगों का स्वास्थ्य भी सुधर रहा है। पीएम मोदी ने देशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए अपने संबोधन का समापन किया।

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