
मुंबई, महाराष्ट्र:
महाराष्ट्र विधान परिषद (MLC) चुनाव में महायुति को बड़ी सफलता मिली है। कई सीटों पर विपक्षी उम्मीदवारों के नामांकन वापस लेने या मुकाबला नहीं होने के कारण महायुति के उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित हुए हैं। इसके बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
महायुति की इस सफलता पर महाविकास आघाड़ी (MVA) ने सवाल उठाते हुए सत्ता पक्ष पर धनबल और राजनीतिक दबाव के इस्तेमाल का आरोप लगाया है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की गई, जिससे कई सीटों पर मुकाबला नहीं हो सका।
वहीं महायुति नेताओं ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि यह उनकी राजनीतिक ताकत, संगठन क्षमता और जनप्रतिनिधियों के समर्थन का परिणाम है। उनका दावा है कि उम्मीदवारों को व्यापक समर्थन मिलने के कारण विपक्ष मुकाबले में नहीं टिक सका।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विधान परिषद चुनाव के नतीजों का असर आने वाले स्थानीय निकाय और अन्य चुनावों के राजनीतिक समीकरणों पर भी दिखाई दे सकता है।