
महाराष्ट्र में बढ़ते महिला अत्याचार के मामलों को लेकर सियासत तेज हो गई है। मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद वर्षा गायकवाड़ ने राज्यपाल जिष्णुदेव वर्मा को पत्र लिखकर राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर चिंता जताई है। अपने पत्र में उन्होंने कहा है कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है और अपराधियों में डर पैदा करने वाली कठोर सजा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
वर्षा गायकवाड़ ने पुणे जिले के नसरापुर में चार साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना को बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि यह कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों से लगातार ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं चाहे वह पुणे का चाकण हो, बदलापुर का स्कूल केस हो या मुंबई के साकीनाका की घटना।
पत्र में यह भी कहा गया है कि कभी महिलाओं के लिए सुरक्षित माने जाने वाला महाराष्ट्र अब अपनी छवि खोता जा रहा है। आंकड़ों का हवाला देते हुए गायकवाड़ ने दावा किया कि महिला अपराध के मामलों में महाराष्ट्र देश में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है और मुंबई जैसे शहर में भी महिलाओं के खिलाफ अपराधों में करीब 12.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसमें बलात्कार, छेड़छाड़ और पॉक्सो एक्ट के मामले शामिल हैं।
उन्होंने राज्यपाल से अपील की है कि वे इस गंभीर मुद्दे में हस्तक्षेप करें और ‘शक्ति’ कानून को जल्द लागू कराने के लिए केंद्र सरकार के स्तर पर पहल करें। इस कानून में दोषियों को 21 दिनों के भीतर फांसी देने का प्रावधान है, लेकिन यह पिछले तीन साल से केंद्र की मंजूरी का इंतजार कर रहा है।
इसके साथ ही वर्षा गायकवाड़ ने राज्य में पूर्णकालिक गृहमंत्री नियुक्त करने की भी मांग की है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री के पास कई विभागों का अतिरिक्त प्रभार होने की वजह से गृह विभाग को पर्याप्त ध्यान नहीं मिल पा रहा है, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि सरकार केवल बयानबाजी से आगे बढ़े और महिला सुरक्षा को लेकर ठोस और प्रभावी कदम उठाए, ताकि राज्य में महिलाओं और बच्चियों को सुरक्षित माहौल मिल सके।