Home वेब स्टोरीज“तिरंगा हमारी शान है, राज्यभर में तिरंगा पहुंचाने का संकल्प लें: हर्षवर्धन सपकाळ ने 77वें प्रजासत्ताक दिवस पर किया जोरदार आह्वान”

“तिरंगा हमारी शान है, राज्यभर में तिरंगा पहुंचाने का संकल्प लें: हर्षवर्धन सपकाळ ने 77वें प्रजासत्ताक दिवस पर किया जोरदार आह्वान”

by Real Khabren
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मुंबई, 26 जनवरी 2026:

77वें प्रजासत्ताक दिवस के मौके पर महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ ने तिरंगे को देश की आन, बान और शान बताते हुए सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं और संविधानवादी नागरिकों से पूरे महाराष्ट्र में तिरंगा पहुंचाने का आह्वान किया। सपकाळ ने कहा कि तिरंगे के लिए अनेकों ने अपना जीवन और रक्त दिया है, लेकिन कुछ जातिवादी और धर्मांध ताकतें अपने स्वार्थ के लिए हिरवा और भगवा रंग का राजनीतिक इस्तेमाल कर समाजिक सलोखा बिगाड़ने की कोशिश कर रही हैं।

काँग्रेस का मुख्यालय टिळक भवन में आयोजित समारोह में हर्षवर्धन सपकाळ ने ध्वजारोहण किया। इस मौके पर सेवादल के प्रदेश अध्यक्ष विलास औताडे, अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के सरचिटनीस प्रफुल्ल गुडदे पाटील, प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश शर्मा, प्रदेश सरचिटनीस जोजो थॉमस, झिशान अहमद, श्रुती म्हात्रे सहित कांग्रेस सेवादल के कई पदाधिकारी उपस्थित थे।

सपकाळ ने कहा कि कांग्रेस ने स्वतंत्रता संग्राम और स्वतंत्र भारत की उन्नति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश में आज कुछ ताकतें जाति और धर्म के आधार पर राजनीति कर रही हैं। हिरवा और भगवा रंग सम्मान के प्रतीक हैं, तिरंगा एक विचार और सपना है, जिसके लिए हम आज भी अपनी जान देने को तैयार हैं।

सपकाळ ने भाजपा और एमआईएम को “एक ही नाणे के दो पहलू” बताते हुए कहा कि स्वतंत्रता पूर्व से ही इनके घनिष्ठ संबंध रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि जनसंघ और मोहम्मद अली जिना के पक्ष के साथ सरकार स्थापित की गई थी, और अब उसी का पुनरुज्जीवन किया जा रहा है।

सातारा जिले में ड्रग्स प्रकरण पर सपकाळ ने कहा कि पिछले मामले में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के भाई के खेत में ड्रग्स का कारखाना पकड़ा गया था। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उस समय कड़ी कार्रवाई नहीं की, जिससे आज फिर से बड़ी मात्रा में ड्रग्स पकड़े गए हैं। सपकाळ ने आरोप लगाया कि ड्रग्स के कालेधंधे का पैसा राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को खरीदने में इस्तेमाल किया जा रहा है, और इसका असली आकाओं में देवेंद्र फडणवीस शामिल हैं।

सपकाळ ने संविधानिक पद का अपमान करने वाले भगतसिंह कोश्यारी की आलोचना करते हुए कहा कि उन्हें पद्मभूषण दिया गया, जबकि उन्होंने संविधान और सामाजिक नायकों का अपमान किया। इसी कारण उन्होंने पुणे में मिलने वाले पुरस्कार को भी ठुकरा दिया।

दावोस में राज्य में निवेश के दावे पर सपकाळ ने कहा कि निवेश जरूर होना चाहिए, लेकिन देवेंद्र फडणवीस झूठे और बड़े दावे कर रहे हैं, और उनकी वास्तविकता जनता के सामने स्पष्ट होनी चाहिए।

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