बारामती में आज शोक और सन्नाटे के बीच महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को अंतिम विदाई दी जा रही है। 28 जनवरी को बारामती में लैंडिंग के दौरान हुए विमान हादसे में अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत के बाद पूरे राज्य में गम का माहौल है। राज्य सरकार ने तीन दिन के राजकीय शोक का ऐलान किया है।
अजित पवार का अंतिम संस्कार आज सुबह 11 बजे उनके राजनीतिक गढ़ बारामती में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। अंतिम दर्शन के लिए उनका पार्थिव शरीर बारामती के विद्या प्रतिष्ठान मैदान में रखा गया है, जहां सुबह से ही लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। समर्थक, कार्यकर्ता और आम नागरिक नम आंखों से अपने नेता को अंतिम श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

विमान हादसे के बाद से बारामती शोक के केंद्र में बदल गई है। एनसीपी-एसपी प्रमुख शरद पवार, एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल, प्रदेश एनसीपी अध्यक्ष सुनील तटकरे और राज्य मंत्री हसन मुश्रीफ विद्या प्रतिष्ठान पहुंचकर अजित पवार को श्रद्धांजलि दे चुके हैं। सत्ता और विपक्ष के कई बड़े नेता आज एक मंच पर नजर आ रहे हैं।

अजित पवार की अंतिम यात्रा उनके काटेवाड़ी स्थित आवास से शुरू हो चुकी है। पूरे राजकीय सम्मान और सुरक्षा व्यवस्था के बीच यह यात्रा करीब 6 किलोमीटर का सफर तय कर श्मशान घाट की ओर बढ़ रही है। रास्ते भर हजारों समर्थक यात्रा के साथ चल रहे हैं और ‘अजीत दादा अमर रहें’ के नारे गूंज रहे हैं। सड़क के दोनों ओर खड़े लोग हाथ जोड़कर अपने नेता को अंतिम प्रणाम कर रहे हैं।

श्मशान घाट पर हालात ऐसे हैं कि एक झलक पाने के लिए भारी भीड़ जमा हो गई है। अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे अंतिम संस्कार में शामिल हुए।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, महाराष्ट्र की मंत्री पंकजा मुंडे और राधाकृष्ण विखे पाटिल विद्या प्रतिष्ठान मैदान पर पहुंचे।
पूरे महाराष्ट्र की निगाहें आज बारामती पर टिकी हैं, जहां एक कद्दावर नेता को अंतिम विदाई दी जा रही है।
अजित पवार का यूं अचानक जाना न सिर्फ बारामती बल्कि पूरे राज्य की राजनीति के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। जिस नेता ने दशकों तक महाराष्ट्र की राजनीति में अहम भूमिका निभाई, आज वही नेता अपने समर्थकों की नम आंखों के बीच हमेशा के लिए विदा हो रहा है।