Home वेब स्टोरीज“संविधान नहीं होता तो देश के टुकड़े हो जाते” केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले का बड़ा बयान

“संविधान नहीं होता तो देश के टुकड़े हो जाते” केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले का बड़ा बयान

by Real Khabren
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देश को एकजुट रखने में संविधान की भूमिका पर केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर डॉ. भीमराव आंबेडकर ने देश को संविधान नहीं दिया होता, तो भारत कई टुकड़ों में बंट गया होता।


हैदराबाद के मलकाजगिरी जिले के कुतुबल्लापुर में आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए आठवले ने कहा कि डॉ. आंबेडकर ने बेहद कठिन परिस्थितियों में शिक्षा हासिल की, लेकिन वही व्यक्ति आगे चलकर देश के संविधान के निर्माता बने। उन्होंने कहा कि आज भारत की एकता, अखंडता और सामाजिक न्याय की नींव संविधान पर ही टिकी हुई है।
इस दौरान महात्मा ज्योतिराव फुले की जयंती और आंबेडकर जयंती के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के तहत “भीमराज सेना” के गठन की भी घोषणा की गई। संगठन के अध्यक्ष पद पर राजेश कांबळे को नियुक्त किया गया।
आठवले ने कहा कि देश में जाति, धर्म, भाषा और क्षेत्रीय विविधताओं के बावजूद संविधान ही सबको एक सूत्र में बांधता है। उन्होंने सामाजिक समता, बंधुता और सर्वधर्म समभाव के मूल्यों को आगे बढ़ाने की अपील की।

उन्होंने अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने दलित और सवर्ण समाज के बीच टकराव नहीं, बल्कि एकता स्थापित करने का काम किया है। साथ ही उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी को देशभर में मजबूत करने का आह्वान भी किया।
कार्यक्रम में मौजूद बौद्ध भिक्षु हर्षबोधी महाथेरो ने भी रिपब्लिकन पार्टी को डॉ. आंबेडकर की विचारधारा का वाहक बताते हुए समर्थन जताया।
इसके अलावा आठवले ने कहा कि सावित्रीबाई फुले, इंदिरा गांधी, मायावती, ममता बनर्जी और जे. जयललिता जैसी महिलाओं की उपलब्धियों के पीछे फुले-आंबेडकर के सामाजिक आंदोलन का बड़ा योगदान रहा है।

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