भारत और फ्रांस की रणनीतिक साझेदारी आज एक नए मुकाम पर पहुंचने जा रही है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच हाई-लेवल द्विपक्षीय बैठक होगी, जिसमें रक्षा, तकनीक, निवेश और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
राष्ट्रपति मैक्रों अपने उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ मुंबई पहुंच चुके हैं, जहां उनका स्वागत राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया। प्रधानमंत्री मोदी दोपहर में मुंबई पहुंचने के बाद लोकभवन में राष्ट्रपति मैक्रों के साथ वन-टू-वन और डेलिगेशन स्तर की बैठक करेंगे। इस दौरान भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा के साथ-साथ नए रक्षा समझौतों को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है।

सूत्रों के मुताबिक, दोनों देशों के बीच हैमर मिसाइल के संयुक्त निर्माण, राफेल मरीन फाइटर जेट की कीमत और तकनीकी सहयोग, हेलीकॉप्टर और जेट इंजन तकनीक ट्रांसफर जैसे अहम रक्षा प्रोजेक्ट्स पर सहमति बन सकती है। इसके अलावा हिंद महासागर क्षेत्र में संयुक्त नौसैनिक अभ्यास और लॉजिस्टिक सपोर्ट बढ़ाने पर भी चर्चा होगी। टाटा-एयरबस के H125 हेलीकॉप्टर की फाइनल असेंबली लाइन का वर्चुअल उद्घाटन भी इस बैठक का अहम हिस्सा होगा।
रक्षा के साथ-साथ तकनीक और इनोवेशन पर भी दोनों देशों का खास फोकस रहेगा। स्वास्थ्य क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सहयोग और रिसर्च से जुड़े समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।

इस हाई-प्रोफाइल दौरे को देखते हुए दक्षिण मुंबई में दोपहर 2 बजे से रात 9 बजे तक कड़े ट्रैफिक प्रतिबंध लागू किए गए हैं। कई प्रमुख सड़कों को बंद किया गया है और वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया जा रहा है। ट्रैफिक पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले रूट की जानकारी लें और असुविधा से बचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें।

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों की यह मुलाकात भारत-फ्रांस रिश्तों को नई मजबूती देने के साथ-साथ रक्षा और तकनीक के क्षेत्र में भारत की वैश्विक भूमिका को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।