महाराष्ट्र के लातूर जिले में जवाहर नवोदय विद्यालय की छठी कक्षा की छात्रा अनुष्का पाटोळे की संदिग्ध मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। दलित मातंग समाज से आने वाली महज साढ़े 11 वर्ष की छात्रा की स्कूल परिसर में हुई मौत को लेकर परिजनों ने आत्महत्या की बात को खारिज करते हुए हत्या की आशंका जताई है।
इस मामले में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने सीआईडी जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि अनुष्का पाटोळे की मौत की सच्चाई सामने लाने के लिए गहन और निष्पक्ष जांच जरूरी है तथा दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
रामदास आठवले ने लातूर जिले के औसा तालुका के टाका गांव स्थित अनुष्का के घर पहुंचकर परिवार से मुलाकात की और शोक व्यक्त किया। उन्होंने अनुष्का की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा परिवार से पूरे मामले की जानकारी ली। इस दौरान अनुष्का की मां ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी आत्महत्या नहीं कर सकती, बल्कि उसकी हत्या की गई है। उन्होंने मंत्री से न्याय दिलाने की मांग की।
आठवले ने कहा कि वह इस प्रकरण में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर सीआईडी जांच की मांग करेंगे। साथ ही उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से भी मिलकर इस मामले को उठाने की बात कही।

उन्होंने कहा कि अनुष्का बेहद मेधावी छात्रा थी। उसे संविधान कंठस्थ था और वह महात्मा ज्योतिबा फुले के जीवन पर प्रभावी भाषण देती थी। गुणवत्तापूर्ण प्रदर्शन के आधार पर उसे जवाहर नवोदय विद्यालय में प्रवेश मिला था। ऐसे में परिवार का कहना है कि वह आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठा सकती।
रामदास आठवले ने सवाल उठाया कि छात्रा का शव पुलिस की अनुपस्थिति में अस्पताल क्यों ले जाया गया? पंचनामा होने से पहले शव को अस्पताल ले जाना नियमों के खिलाफ है। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने और विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक, रसोइया, चौकीदार सहित सभी स्थायी कर्मचारियों से पूछताछ की मांग की।
उन्होंने बताया कि इस मामले में अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन विद्यालय प्रशासन की भूमिका की भी गहन जांच होनी चाहिए।

आर्थिक सहायता की घोषणा करते हुए आठवले ने कहा कि रिपब्लिकन पार्टी की ओर से परिवार को एक लाख रुपये की मदद दी जाएगी। साथ ही राज्य के सामाजिक न्याय मंत्रालय की ओर से कुल चार लाख रुपये की सहायता दी जा रही है, जिसमें से एक लाख रुपये की पहली किस्त जारी की जा चुकी है। शेष राशि चरणबद्ध तरीके से दी जाएगी।
इसके अलावा उन्होंने मुख्यमंत्री सहायता निधि से भी आर्थिक मदद दिलाने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिलाने का प्रयास करने की बात कही।
अनुष्का पाटोळे की मौत को लेकर क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है और अब सबकी निगाहें संभावित सीआईडी जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।