नई दिल्ली। राजधानी स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में छात्र संघ के विरोध मार्च के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच तीखी झड़प का मामला सामने आया है। घटना के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिनमें प्रदर्शन के दौरान धक्का-मुक्की, थप्पड़ मारने और सुरक्षाकर्मियों की ओर लाठी-डंडे फेंकने जैसी घटनाएं दिखाई दे रही हैं।
जानकारी के मुताबिक, जेएनयू छात्रसंघ द्वारा परिसर से शिक्षा मंत्रालय तक ‘लॉन्ग मार्च’ निकालने का आह्वान किया गया था। विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिसर के बाहर प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने की बात कही थी। इसके बावजूद बड़ी संख्या में छात्र मुख्य गेट की ओर बढ़े, जहां पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हो गया।
पुलिस का दावा है कि प्रदर्शनकारियों ने उस पर हमला किया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए। पुलिस के अनुसार, झड़प के दौरान लाठी और जूते फेंके गए तथा कुछ कर्मियों के साथ मारपीट की गई। वहीं प्रदर्शनकारी छात्रों ने आरोप लगाया है कि उनके खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग किया गया और कई छात्र घायल हुए।

इस मामले में कुल 14 लोगों को हिरासत में लिया गया था, जिनमें जेएनयू छात्रसंघ की अध्यक्ष अदिति मिश्रा, पूर्व अध्यक्ष नीतीश कुमार, उपाध्यक्ष गोपिका बाबू और संयुक्त सचिव दानिश अली शामिल हैं। बाद में सभी को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट से 25 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत मिल गई।

बताया जा रहा है कि यह विरोध प्रदर्शन विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा हाल ही में दिए गए एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में यूजीसी मानदंडों के क्रियान्वयन, छात्रसंघ पदाधिकारियों के निलंबन और प्रस्तावित ‘रोहित अधिनियम’ पर की गई टिप्पणियों के खिलाफ चल रहे आंदोलन का हिस्सा था।
फिलहाल कैंपस में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन पूरे घटनाक्रम को लेकर जांच जारी है। इस घटना ने एक बार फिर विश्वविद्यालयों में छात्र राजनीति, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और कानून-व्यवस्था को लेकर बहस छेड़ दी है।