अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव अब खुली सैन्य टकराव की शक्ल लेता दिख रहा है। अफगानिस्तान में सत्तारूढ़ तालिबान ने दावा किया है कि उसने पाकिस्तान में कई अहम सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमले किए हैं। तालिबान के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय के डिप्टी प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत के मुताबिक ये हमले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के फैजाबाद स्थित दफ्तर के आसपास के इलाकों समेत कई सैन्य ठिकानों पर किए गए।
तालिबान का कहना है कि आत्मघाती ड्रोन के जरिए इस्लामाबाद के फैजाबाद क्षेत्र के निकट सैन्य कैंप, नौशेरा सेना कैंट, जमरूद सैन्य कॉलोनी और एबटाबाद के ठिकानों को निशाना बनाया गया। संगठन ने दावा किया है कि यह ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा और पाकिस्तान की सेना के महत्वपूर्ण ठिकानों, केंद्रों और प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचाया गया।

तालिबान ने इन हमलों को पाकिस्तान की ओर से किए गए हालिया हवाई हमलों का जवाब बताया है। संगठन का आरोप है कि पाकिस्तानी सेना ने बीती रात काबुल, कंधार और पक्तिया में हवाई अतिक्रमण करते हुए तालिबान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था।
इससे पहले पाकिस्तान ने दावा किया था कि उसने काबुल में आधी रात को बड़े पैमाने पर ऑपरेशन चलाया, जिसमें कई शीर्ष तालिबानी कमांडरों और करीब 130 लड़ाकों को मार गिराया गया। वहीं अफगान पक्ष ने पलटवार करते हुए 55 पाकिस्तानी सैनिकों को मारने और 15 से अधिक को बंदी बनाने का दावा किया है। साथ ही 23 पाकिस्तानी चौकियों पर कब्जे की भी बात कही गई है।
दोनों देशों की ओर से किए जा रहे इन दावों की फिलहाल स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है। लेकिन जिस तरह से दोनों पक्ष खुले तौर पर एयरस्ट्राइक और ड्रोन हमलों की बात कर रहे हैं, उससे क्षेत्रीय सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सीमा पर हालात बेहद तनावपूर्ण बताए जा रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें इस बढ़ते टकराव पर टिकी हुई हैं।