एपस्टीन फाइल्स को लेकर अमेरिका में एक बार फिर सियासी और कानूनी भूचाल आ गया है। आरोप है कि अमेरिकी न्याय विभाग ने कुछ ऐसे दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किए, जो पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप या अन्य प्रभावशाली हस्तियों से जुड़े हो सकते थे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2019 में एपस्टीन की गिरफ्तारी के बाद एफबीआई ने एक अज्ञात महिला से चार बार पूछताछ की थी। महिला ने दावा किया था कि 1980 के दशक में नाबालिग रहते हुए उसके साथ यौन उत्पीड़न हुआ। लेकिन सार्वजनिक रिकॉर्ड में इन साक्षात्कारों में से केवल एक का सारांश शामिल किया गया, जबकि बाकी इंटरव्यू कथित तौर पर जारी नहीं किए गए।

यह पूरा मामला कुख्यात कारोबारी जेफरी एपस्टीन से जुड़ा है, जिन पर सेक्स ट्रैफिकिंग के गंभीर आरोप थे और 2019 में न्यूयॉर्क की जेल में उनकी मौत हो गई थी। एपस्टीन की करीबी सहयोगी घिस्लेन मैक्सवेल को यौन तस्करी के मामले में दोषी ठहराया जा चुका है और वह 20 साल की सजा काट रही हैं।

अमेरिकी न्याय विभाग ने कहा है कि वह इस पूरे मामले की समीक्षा कर रहा है। यदि कोई दस्तावेज अनुचित तरीके से रोका गया पाया जाता है और कानून के तहत जारी करने योग्य है, तो उसे सार्वजनिक किया जाएगा।
इस बीच हाउस ओवरसाइट कमेटी में शीर्ष डेमोक्रेट सदस्य रॉबर्ट गार्सिया ने भी इस मुद्दे पर जांच की मांग की है। उनका कहना है कि कुछ एफबीआई साक्षात्कारों को अवैध रूप से रोका गया प्रतीत होता है।
वहीं डोनाल्ड ट्रंप और व्हाइट हाउस ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और राजनीतिक साजिश करार दिया है।
अब निगाहें न्याय विभाग की आंतरिक समीक्षा पर टिकी हैं। अगर यह साबित होता है कि दस्तावेज जानबूझकर रोके गए, तो यह मामला अमेरिकी राजनीति में बड़ा तूफान ला सकता है।