उत्तर प्रदेश के Balrampur जिले की बेटियों ने साहस, मेहनत और जुनून की ऐसी मिसाल पेश की है, जिस पर पूरा जनपद गर्व महसूस कर रहा है। पचपेड़वा की नीलांशु, डीएवी की प्रियंका उपाध्याय, कंपोजिट स्कूल की प्रियंका प्रजापति और हैंडबॉल प्रशिक्षक हिना खातून ने कठिन चुनौतियों को पार करते हुए एवरेस्ट बेस कैंप फतह कर जिले का नाम रोशन किया। इन बहादुर बेटियों के बलरामपुर लौटने पर कलेक्ट्रेट सभागार में भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जहां जिलाधिकारी Vipin Kumar Jain और मुख्य विकास अधिकारी ने उन्हें फूल-माला और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
एवरेस्ट बेस कैंप की इस कठिन यात्रा के दौरान इन बेटियों ने शून्य से नीचे तापमान, खतरनाक रास्तों और ऑक्सीजन की कमी जैसी चुनौतियों का सामना किया। उन्होंने बताया कि हर कदम जोखिम से भरा था, लेकिन देश के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा और तिरंगे के सम्मान ने उन्हें लगातार आगे बढ़ने की ताकत दी। जैसे ही सभागार में उनकी तिरंगे के साथ खींची गई तस्वीरें दिखाई गईं, पूरा हॉल तालियों की गूंज से भर उठा।
इस मौके पर जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने घोषणा की कि इन छात्राओं की यात्रा और अनुभवों पर आधारित डायरी को जिला प्रशासन पुस्तक के रूप में प्रकाशित करेगा, ताकि यह आने वाली पीढ़ियों और खासकर लड़कियों के लिए प्रेरणा बन सके। समारोह में मौजूद परिजन, प्रशासनिक अधिकारी और खेल विभाग के प्रतिनिधियों ने बेटियों की इस उपलब्धि पर गर्व जताया। बलरामपुर की इन बेटियों ने साबित कर दिया कि हौसला मजबूत हो तो बेटियां भी दुनिया की सबसे ऊंची चोटियों तक पहुंच सकती हैं।