
भारत के IPO बाजार में इस समय सुस्ती का माहौल देखने को मिल रहा है। शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव और निवेशकों की सतर्कता के बीच कई बड़ी कंपनियों ने अपने IPO फिलहाल टाल दिए हैं। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों और कमजोर निवेश माहौल के कारण कंपनियां सही समय का इंतजार कर रही हैं।
पिछले कुछ महीनों में भारतीय शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। विदेशी निवेशकों की बिकवाली, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और बढ़ती महंगाई का असर अब IPO बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। कई कंपनियों को उम्मीद के मुताबिक निवेशकों की प्रतिक्रिया नहीं मिल रही, जिसके चलते वे अपने पब्लिक इश्यू आगे बढ़ाने से बच रही हैं।
सूत्रों के मुताबिक टेक्नोलॉजी, रियल एस्टेट और फाइनेंस सेक्टर की कुछ बड़ी कंपनियों ने अपने IPO लॉन्च की तारीखें आगे बढ़ा दी हैं। कंपनियों का मानना है कि बाजार स्थिर होने के बाद उन्हें बेहतर वैल्यूएशन और निवेशकों का ज्यादा भरोसा मिल सकता है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि रिटेल निवेशकों की दिलचस्पी अभी भी बनी हुई है, लेकिन बाजार में अस्थिरता के कारण लोग बड़े निवेश करने से बच रहे हैं। हाल के कुछ IPO की कमजोर लिस्टिंग ने भी निवेशकों का भरोसा प्रभावित किया है।
हालांकि विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि भारत की अर्थव्यवस्था लंबे समय में मजबूत बनी हुई है और बाजार में स्थिरता लौटने के बाद IPO गतिविधियां फिर तेज हो सकती हैं। फिलहाल कंपनियां बाजार की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और सही समय का इंतजार कर रही हैं।