
फर्रुखाबाद: आलू की गिरती कीमतों और बढ़ती लागत से परेशान किसानों का आक्रोश सोमवार को फर्रुखाबाद में देखने को मिला। बड़ी संख्या में किसान गले में आलू की माला और सिर पर आलू की बोरी रखकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। किसानों के इस अनोखे प्रदर्शन ने प्रशासन का ध्यान आलू किसानों की समस्याओं की ओर खींचा।
किसान आंदोलन उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष अजय अनमोल के नेतृत्व में किसानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर तत्काल राहत की मांग की।
किसानों का कहना है कि फर्रुखाबाद आलू उत्पादन और कारोबार का प्रमुख केंद्र है, लेकिन उत्पादन लागत बढ़ने के बावजूद उन्हें बाजार में आलू का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। किसानों के मुताबिक खेत से लेकर शीतगृह तक खर्च लगातार बढ़ रहा है, जबकि भंडारण शुल्क और बढ़ते कर्ज ने उनकी आर्थिक परेशानी और बढ़ा दी है।
किसानों की सात सूत्रीय मांगें
किसानों ने सरकार से प्रभावी आलू नीति लागू करने, न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करने, भाव-अंतर योजना लागू करने, शीतगृहों का भंडारण शुल्क माफ करने, किसानों का कर्ज माफ करने और सरकारी स्तर पर आलू की खरीद बढ़ाने समेत सात सूत्रीय मांगें रखीं।
किसानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आलू किसानों की स्थिति का तत्काल संज्ञान लेते हुए विशेष राहत पैकेज और ठोस नीति घोषित करने की मांग की है।
किसानों का कहना है कि समय रहते सरकार ने प्रभावी कदम नहीं उठाए तो आलू का संकट केवल किसानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे जुड़े व्यापार, शीतगृह और उद्योग पर भी असर पड़ सकता है।