
देशभर में पड़ रही भीषण गर्मी अब बिजली व्यवस्था पर भारी पड़ने लगी है। उत्तर भारत से लेकर पूर्वी राज्यों तक तापमान लगातार रिकॉर्ड तोड़ रहा है, जिसके चलते बिजली की मांग इतिहास के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है। कई शहरों में लंबे पावर कट और लो-वोल्टेज की समस्या से लोग परेशान हैं।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश में बिजली की मांग 270 गीगावॉट के पार पहुंच चुकी है। यह अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड माना जा रहा है। लगातार चौथे दिन बिजली खपत ने नया रिकॉर्ड बनाया। बढ़ती गर्मी के कारण एयर कंडीशनर, कूलर और पंखों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है, जिससे पावर ग्रिड पर भारी दबाव पड़ रहा है।
दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, लखनऊ, पटना और ओडिशा समेत कई इलाकों में बिजली कटौती की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। गुरुग्राम में तकनीकी खराबी के चलते पूरा शहर अंधेरे में डूब गया, जिससे मेट्रो सेवा भी प्रभावित हुई और लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
उत्तर प्रदेश में भी बिजली संकट को लेकर राजनीति तेज हो गई है। बीजेपी विधायकों से लेकर विपक्षी नेताओं तक ने सरकार से तत्काल समाधान की मांग की है। लोगों का कहना है कि भीषण गर्मी में घंटों बिजली कटने से हालात और मुश्किल हो रहे हैं।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में “सीवियर हीटवेव” का अलर्ट जारी किया है। अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रह सकता है। ऐसे में बिजली की मांग और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
केंद्र सरकार ने लोगों से अपील की है कि बिजली का इस्तेमाल जरूरत के हिसाब से करें ताकि पावर ग्रिड पर दबाव कम किया जा सके। ऊर्जा मंत्रालय का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और अतिरिक्त बिजली सप्लाई की व्यवस्था की जा रही है।