मुंबई के आरे इलाके में एक मराठी स्टॉल पर की गई पुलिस कार्रवाई ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। स्टॉल चालक संजय गोरे ने आरोप लगाया है कि कार्रवाई के दौरान उनके स्टॉल में तोड़फोड़ की गई, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
संजय गोरे का कहना है कि संबंधित पुलिस अधिकारी ने जरूरत से ज्यादा सख्ती दिखाई और बिना उचित प्रक्रिया के स्टॉल को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने इस पूरे मामले को अपनी रोज़ी-रोटी पर सीधा हमला बताते हुए राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से हस्तक्षेप की मांग की है।
स्टॉल चालक ने मांग की है कि तोड़फोड़ के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारी पर सख्त कार्रवाई की जाए और हुए नुकसान की भरपाई सरकार की ओर से कराई जाए।

संजय गोरे ने कहा कि वह एक छोटे मराठी उद्यमी हैं और वर्षों की मेहनत से खड़ा किया गया उनका व्यवसाय इस कार्रवाई से प्रभावित हुआ है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि मुख्यमंत्री इस मामले में निष्पक्ष जांच के आदेश देंगे और उन्हें न्याय मिलेगा।
फिलहाल इस मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।