
मुंबई: महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने आयुर्वेदिक दवा निर्माताओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। राज्यभर में की गई जांच के बाद 10 आयुर्वेदिक दवा कंपनियों के मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द कर दिए गए हैं, जबकि 135 कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
FDA ने राज्य में संचालित सभी 434 लाइसेंस प्राप्त आयुर्वेदिक दवा निर्माण इकाइयों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई कंपनियों में स्वच्छता, तकनीकी स्टाफ, क्वालिटी कंट्रोल और कच्चे माल की जांच से जुड़े गंभीर नियमों का उल्लंघन सामने आया।
रिपोर्ट के अनुसार, कुछ इकाइयों में अस्वच्छ परिस्थितियां, योग्य तकनीकी कर्मचारियों की कमी, गैर-कार्यशील क्वालिटी कंट्रोल विभाग और जरूरी मशीनरी की अनुपलब्धता पाई गई। कई जगह बैच रिकॉर्ड और कच्चे माल से जुड़े दस्तावेज भी अधूरे या अनुपस्थित मिले।
FDA ने यह कार्रवाई Drugs and Cosmetics Act, 1940, संबंधित नियमों और आयुर्वेदिक दवाओं के लिए निर्धारित Schedule T Good Manufacturing Practices (GMP) के तहत की है। FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे ने स्पष्ट किया है कि दवाओं की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा से समझौता करने वाली कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।