मुंबई के लोकभवन में भारत और फ्रांस के संबंधों को नई ऊंचाई देने वाली अहम द्विपक्षीय बैठक आयोजित हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का गर्मजोशी से स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच रक्षा, टेक्नोलॉजी, नवाचार और सामरिक सहयोग को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में 114 राफेल लड़ाकू विमानों की संभावित डील पर महत्वपूर्ण बातचीत हुई। इसके साथ ही मिसाइल सिस्टम, जेट इंजन तकनीक, पनडुब्बी सहयोग और हेलीकॉप्टर निर्माण से जुड़े समझौतों पर भी प्रगति के संकेत मिले हैं। भारत और फ्रांस के बीच पुराने रक्षा सहयोग समझौते को अगले 10 वर्षों के लिए बढ़ाने पर भी चर्चा हुई है।

बैठक के दौरान डिफेंस लॉजिस्टिक सपोर्ट एग्रीमेंट और जॉइंट नेवल एक्सरसाइज को लेकर सहमति बनने की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा टाटा-एयरबस के H125 लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर की फाइनल असेंबली लाइन के वर्चुअल उद्घाटन की भी तैयारी है, जो भारत में रक्षा उत्पादन को मजबूती देगा।
राष्ट्रपति मैक्रों अपनी भारत यात्रा के दौरान भारत-फ्रांस इनोवेशन फोरम में भी हिस्सा लेंगे और गेटवे ऑफ इंडिया पर आयोजित इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन कार्यक्रम में शामिल होंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुलाकात न केवल रक्षा सहयोग को मजबूत करेगी, बल्कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक संतुलन और वैश्विक साझेदारी के लिहाज से भी बेहद अहम साबित हो सकती है। पूरी दुनिया की नजर इस उच्चस्तरीय बैठक के नतीजों पर टिकी हुई है।