
नई दिल्ली:
अयोध्या राम मंदिर में दान और चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से विशेष जांच दल (SIT) के पुनर्गठन पर विचार करने को कहा है। अदालत ने संकेत दिया कि जांच की कमान किसी वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व वाली टीम को सौंपी जा सकती है।
सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने स्पष्ट कहा कि यह प्रथम दृष्टया एक आपराधिक मामले की जांच का विषय है और इसे राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। कोर्ट ने सभी पक्षों को नसीहत देते हुए कहा कि न्यायालय राजनीति का मंच नहीं है और जांच को निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि मामले की जांच तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचनी चाहिए। साथ ही, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को दान और चढ़ावे से जुड़े सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।
मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई को निर्धारित की गई है। तब तक उत्तर प्रदेश सरकार से SIT के पुनर्गठन और जांच की प्रगति पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करने को कहा गया है।