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राष्ट्र पहले यही था बाबासाहेब का संदेश: रामदास आठवले

by Kalpana Pandey
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मुंबई : डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने चैत्यभूमि पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि बाबासाहेब ने देश को यह सिखाया कि जाति, धर्म, भाषा और प्रांत से ऊपर राष्ट्र है और हम सबसे पहले और आखिर में भारतीय हैं।


रामदास आठवले ने कहा कि बाबासाहेब का सपना एक समतामूलक भारत का था, जिसे साकार करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी को लेकर भी बड़ा बयान दिया और कहा कि देशभर में पार्टी का विस्तार हुआ है, लेकिन अब समय आ गया है कि गुटबाजी खत्म हो और एक मजबूत, व्यापक रिपब्लिकन पार्टी का निर्माण हो।


अनुसूचित जाति उपवर्गीकरण के मुद्दे पर आठवले ने कहा कि इस विषय पर व्यापक चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि इस पर बनी समिति राज्य के नेताओं और जनता से संवाद करे और सरकार को अपनी रिपोर्ट सार्वजनिक करनी चाहिए, ताकि सभी वर्गों को न्याय मिल सके।


इसके साथ ही उन्होंने शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि जिस तरह बौद्ध समाज ने शिक्षा के क्षेत्र में प्रगति की है, उसी तरह अनुसूचित जाति के अन्य वर्गों को भी आगे बढ़ना चाहिए। इस कार्यक्रम में उनके साथ कई प्रमुख नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे

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