
Shiv Sena (Uddhav Balasaheb Thackeray) ने लोकसभा अध्यक्ष को एक आधिकारिक पत्र सौंपकर मांग की है कि संसद में केवल उनकी पार्टी को ही अधिकृत राजनीतिक दल के रूप में मान्यता दी जाए।
पार्टी ने अपने पत्र में कहा है कि किसी भी अलग गुट, बागी समूह या स्वतंत्र समूह को शिवसेना के नाम पर अलग पहचान, दर्जा, सुविधाएं अथवा विशेषाधिकार नहीं दिए जाने चाहिए। साथ ही यह भी अनुरोध किया गया है कि यदि भविष्य में इस प्रकार की कोई मांग सामने आती है, तो उस पर निर्णय लेने से पहले पार्टी को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाए।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि पार्टी भारतीय संविधान की दसवीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) के तहत उपलब्ध सभी कानूनी अधिकारों का उपयोग करने का अधिकार सुरक्षित रखती है।
यह पत्र पार्टी के संसदीय दल के नेता और सांसद Arvind Sawant द्वारा लोकसभा अध्यक्ष को भेजा गया है। इस कदम को संसद में पार्टी की आधिकारिक पहचान और राजनीतिक अधिकारों को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।