
नई दिल्ली:
सुप्रीम कोर्ट ने देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को चार सप्ताह के भीतर जिला स्तर पर प्रिजन ओवरसाइट बोर्ड (Prison Oversight Board) गठित करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि जेलों की नियमित निगरानी और कैदियों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है।
सर्वोच्च अदालत ने स्पष्ट किया कि ये बोर्ड जेलों की व्यवस्थाओं, कैदियों की स्थिति, स्वास्थ्य सुविधाओं, स्वच्छता और मानवाधिकार संबंधी मुद्दों की नियमित समीक्षा करेंगे। समय-समय पर निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुझाव भी देंगे।
कोर्ट ने राज्यों से निर्देशों का समयबद्ध पालन करने और बोर्ड के गठन की जानकारी निर्धारित अवधि के भीतर प्रस्तुत करने को कहा है। अदालत ने जेल सुधारों को न्याय व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
इस फैसले का उद्देश्य देशभर की जेलों में पारदर्शिता बढ़ाना, कैदियों के अधिकारों की रक्षा करना और जेल प्रशासन को अधिक जवाबदेह बनाना है।