Home एजुकेशन2030 तक 50 हजार भारतीयों को नौकरी देगा इजरायल, मोदी-नेतन्याहू बैठक में बड़ा फैसला

2030 तक 50 हजार भारतीयों को नौकरी देगा इजरायल, मोदी-नेतन्याहू बैठक में बड़ा फैसला

by Suhani Sharma
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2030 तक 50 हजार भारतीयों को

नई दिल्ली: भारत और इजरायल के रिश्तों को नई मजबूती देते हुए बड़ा रोजगार समझौता हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu की बैठक में यह तय किया गया कि इजरायल वर्ष 2030 तक 50,000 भारतीय कामगारों को अपने यहां काम करने की अनुमति देगा। इसका अर्थ है कि अगले पांच वर्षों में हर साल औसतन लगभग 10,000 भारतीयों को रोजगार का अवसर मिलेगा।
बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में दोनों नेताओं ने इजरायल में भारतीय कामगारों के योगदान की सराहना की। निर्माण और देखभाल क्षेत्र में श्रम की कमी को पूरा करने में भारतीय कामगार अहम भूमिका निभा रहे हैं। नवंबर 2023 में हस्ताक्षरित फ्रेमवर्क समझौते और कार्यान्वयन प्रोटोकॉल के तहत सेवा, निर्माण और केयर सेक्टर में सुरक्षित और व्यवस्थित आवाजाही सुनिश्चित की जाएगी।
अगस्त 2025 तक इजरायल में 20,000 से अधिक भारतीय नागरिक कार्यरत हैं। इनमें बड़ी संख्या में केयरगिवर, निर्माण श्रमिक, आईटी पेशेवर और छात्र शामिल हैं। तेल अवीव स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, भारतीय कामगार विशेष रूप से इजरायली बुजुर्गों की देखभाल में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।


दोनों प्रधानमंत्रियों ने डेटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और हाई-टेक क्षेत्रों में भारतीय पेशेवरों के लिए अवसर बढ़ाने पर भी जोर दिया। साथ ही, कामगारों की सुरक्षा, संरक्षा और कानूनी अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
बैठक में संयुक्त समन्वय समिति के कार्यों की समीक्षा की गई और श्रमिकों से जुड़े लंबित मुद्दों को जल्द सुलझाने के निर्देश दिए गए।
इजरायल में भारतीय मूल के लगभग 85,000 यहूदी भी रहते हैं, जिनका भारत से ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जुड़ाव रहा है। 1950 और 1960 के दशक में महाराष्ट्र, केरल और कोलकाता से बड़ी संख्या में यहूदियों का इजरायल में आप्रवास हुआ था।
यह समझौता न केवल दोनों देशों के रणनीतिक रिश्तों को मजबूत करेगा, बल्कि हजारों भारतीय युवाओं के लिए विदेश में सुरक्षित और बेहतर रोजगार के नए अवसर भी खोलेगा।

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