
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने आपदा प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए बड़ी पहल शुरू की है। राज्य के 25 संवेदनशील जिलों में 29,772 युवाओं को ‘आपदा मित्र’ के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। ये प्रशिक्षित स्वयंसेवक बाढ़, भूकंप, आग, सड़क दुर्घटनाओं और अन्य आपदाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों में प्रशासन की मदद करेंगे।
योजना के तहत चयनित युवाओं को सात दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण का आयोजन राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) के बिजनौर स्थित नूरपुर भद्रसा प्रशिक्षण केंद्र में किया जाएगा। इस दौरान युवाओं को आपदा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं की व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी।
इस अभियान में एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा केंद्र और भारत स्काउट्स एंड गाइड्स से जुड़े युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर शामिल किया जाएगा। प्रशिक्षण में प्राथमिक उपचार, खोज एवं बचाव अभियान, तैराकी, आग से सुरक्षा, सुरक्षित निकासी और आपातकालीन प्रतिक्रिया जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल होंगे।
प्रशिक्षण पूरा करने वाले युवाओं को इमरजेंसी रिस्पॉन्स किट, पहचान पत्र और प्रमाण पत्र भी प्रदान किए जाएंगे, ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे स्थानीय स्तर पर प्रभावी ढंग से राहत कार्यों में भाग ले सकें।
योजना के तहत लखनऊ, मेरठ, गाजियाबाद और वाराणसी में सबसे अधिक 2,000-2,000 युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। वहीं सहारनपुर में 1,750 तथा बरेली, प्रयागराज, बुलंदशहर और शामली में 1,500-1,500 स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण मिलेगा। दूसरी ओर महोबा में सबसे कम 490 युवाओं को इस योजना में शामिल किया जाएगा।
सरकार का उद्देश्य प्रत्येक जिले में प्रशिक्षित स्वयंसेवकों का ऐसा मजबूत नेटवर्क तैयार करना है, जो आपदा के समय राहत और बचाव कार्यों की पहली कड़ी बनकर प्रशासन और आम जनता के बीच सेतु का काम करे।