महाबोधि विहार मुक्ति आंदोलन को लेकर देशभर में उबाल तेज होता जा रहा है। इसी कड़ी में भीम आर्मी के महाराष्ट्र राज्य अध्यक्ष अशोक कांबले ने महाराष्ट्र सरकार को लेकर एक कड़ा और विवादित बयान दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि जब तक बिहार सरकार महाबोधि विहार को बौद्ध समुदाय के हवाले नहीं करती, तब तक महाराष्ट्र में बिहार भवन के निर्माण का भीम आर्मी तीव्र विरोध करेगी।
अशोक कांबले ने कहा कि बिहार राज्य में पिछले कई वर्षों से महाबोधि विहार को बौद्धों के अधिकार में देने की मांग को लेकर आंदोलन चल रहा है। इस आंदोलन के दौरान बौद्ध भिक्षुओं और धम्मगुरुओं पर कथित रूप से अमानुष लाठीचार्ज किया गया और कई लोगों को जेल में डाला गया। इस घटना के बाद देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बौद्ध संगठनों और अनुयायियों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

भीम आर्मी अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि बिहार सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है और बौद्ध समाज की धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचा रही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि महाराष्ट्र सरकार “हिटलरवादी भूमिका” अपनाते हुए जबरदस्ती बिहार भवन के निर्माण की कोशिश करती है, तो भीम आर्मी उसे किसी भी हालत में बनने नहीं देगी।
अशोक कांबले ने आगे कहा कि यदि प्रशासन ने बलपूर्वक निर्माण कराया, तो उसी स्थान पर पंचशील ध्वज और नीला झंडा फहराया जाएगा। उन्होंने इसे बौद्ध समाज के सम्मान और अधिकारों की लड़ाई बताया।

इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। अब सभी की नजरें महाराष्ट्र और बिहार सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं कि महाबोधि विहार मुक्ति आंदोलन और बिहार भवन विवाद पर आगे क्या रुख अपनाया जाएगा।