Home देशमहाराष्ट्र के आईटीआई बनेंगे आधुनिक ‘स्किल डेवलपमेंट हब’, पीएम-सेतु योजना से होगा कायाकल्प

महाराष्ट्र के आईटीआई बनेंगे आधुनिक ‘स्किल डेवलपमेंट हब’, पीएम-सेतु योजना से होगा कायाकल्प

by Real Khabren
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मुंबई:महाराष्ट्र के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) अब केवल प्रशिक्षण केंद्र नहीं, बल्कि आधुनिक ‘स्किल डेवलपमेंट हब’ के रूप में विकसित किए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच से आकार लेने वाली पीएम–सेतु योजना के तहत राज्य के आईटीआई का व्यापक आधुनिकीकरण किया जाएगा। यह जानकारी राज्य के कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने दी।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में योजना के पहले चरण को मंजूरी दे दी गई है। इसके तहत नागपुर, छत्रपति संभाजीनगर और पुणे जिलों के आईटीआई का आधुनिकीकरण किया जाएगा। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से राज्य के अन्य जिलों को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा। योजना का उद्देश्य उद्योगों की मांग के अनुरूप कुशल मानव संसाधन तैयार करना और युवाओं को रोजगार व स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।

मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने बताया कि जिन क्षेत्रों में उद्योगों की संख्या कम है, वहां सेवा क्षेत्र, बहु-कौशल पाठ्यक्रम और आजीविका आधारित पाठ्यक्रमों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार के अवसर मिल सकें।

242 करोड़ रुपये की लागत से होगा आधुनिकीकरण

पीएम-सेतु योजना के तहत आईटीआई के आधुनिकीकरण के लिए ‘हब एंड स्पोक मॉडल’ अपनाया जाएगा। इस योजना पर केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कुल 242 करोड़ रुपये खर्च करेंगी। इसमें 50 प्रतिशत निधि केंद्र सरकार, 33 प्रतिशत राज्य सरकार और 17 प्रतिशत उद्योग क्षेत्र से प्राप्त होगी।

एक क्लस्टर (1 हब आईटीआई और 4 स्पोक आईटीआई) पर पाँच वर्षों में लगभग 241 करोड़ रुपये का खर्च अनुमानित है, जिसमें केंद्र सरकार का 112 करोड़, राज्य सरकार का 98 करोड़ और उद्योग क्षेत्र का 31 करोड़ रुपये का योगदान होगा। राज्य सरकार द्वारा पाँच वर्षों में किए जाने वाले 98 करोड़ रुपये के खर्च को भी मंजूरी दी गई है।

पहले चरण में इन आईटीआई का चयन

नागपुर: गवर्नमेंट आईटीआई नागपुर को हब बनाया जाएगा। इसके अंतर्गत महिला आईटीआई नागपुर, कामठी, हिंगणा और बुटीबोरी के आईटीआई शामिल होंगे।

छत्रपति संभाजीनगर: यहां के आईटीआई को हब के रूप में विकसित किया जाएगा। साथ ही पैठण, खुलताबाद, गंगापुर और फुलंब्री के आईटीआई को भी अपग्रेड किया जाएगा।

पुणे: औंध स्थित आईटीआई को हब बनाया जाएगा। इसके साथ औंध महिला आईटीआई, खेड़-राजगुरुनगर और मुळशी के आईटीआई का आधुनिकीकरण किया जाएगा।

नए पाठ्यक्रम और मौजूदा कोर्स का उन्नयन

हब आईटीआई में औसतन चार नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे और दस मौजूदा पाठ्यक्रमों का स्तर उन्नत किया जाएगा। वहीं स्पोक आईटीआई में दो नए पाठ्यक्रम शुरू होंगे और आठ पाठ्यक्रमों को आधुनिक जरूरतों के अनुसार अपग्रेड किया जाएगा।

मंत्री लोढ़ा ने कहा कि भारत ने गुरुकुल परंपरा, नालंदा जैसे विश्वविद्यालयों और आर्यभट्ट जैसे विद्वानों के कारण ज्ञान के वैश्विक केंद्र के रूप में पहचान बनाई थी। आज उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आधुनिक कौशल प्रशिक्षण को जोड़कर आईटीआई के माध्यम से नए भारत के निर्माण की दिशा में काम कर रहे हैं।

पीएम–सेतु योजना के जरिए महाराष्ट्र के आईटीआई न सिर्फ आधुनिक होंगे, बल्कि राज्य के युवाओं के लिए रोजगार, उद्यमिता और आत्मनिर्भरता के नए द्वार भी खोलेंगे।

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