ईरान में नए सुप्रीम लीडर के नाम के ऐलान के बाद वैश्विक तेल बाजार में जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है। Mojtaba Khamenei के सुप्रीम लीडर बनने के बाद ईरान ने साफ संकेत दिया है कि वह किसी भी दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है और लंबे युद्ध के लिए तैयार है।
मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने Israel और United States के सैन्य ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं। इस स्थिति ने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार को झकझोर दिया है।
तनाव बढ़ने के कारण सोमवार को वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क Brent Crude Oil की कीमत शुरुआती कारोबार में लगभग 119.50 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। हालांकि बाद में इसमें कुछ गिरावट आई और यह करीब 9 प्रतिशत बढ़कर 101 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर ट्रेड करता दिखाई दिया।

वहीं अमेरिकी बेंचमार्क West Texas Intermediate भी 119.48 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गया, लेकिन बाद में यह वापस 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि मध्य-पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण तेल उत्पादन और शिपिंग रूट्स पर खतरा बढ़ गया है। इसी वजह से वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ी है और कई देशों के फाइनेंशियल मार्केट में गिरावट भी दर्ज की गई है।
विश्लेषकों के मुताबिक अगर मध्य-पूर्व में हालात और बिगड़ते हैं, तो आने वाले दिनों में तेल की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है, जिसका असर दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ सकता है।