कांग्रेस नेता राहुल गांधी की कथित दोहरी नागरिकता का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने इस मामले में केंद्र सरकार से संबंधित रिकॉर्ड तलब किया है। अदालत ने कहा है कि मामले की आगे की सुनवाई उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर की जाएगी।
दरअसल, यह याचिका कर्नाटक के बीजेपी नेता विग्नेश शिशिर ने दायर की है। याचिकाकर्ता का दावा है कि राहुल गांधी भारत के साथ-साथ ब्रिटेन के भी नागरिक हैं। इसी आरोप को लेकर उन्होंने पहले लखनऊ की एमपी-एमएलए कोर्ट में याचिका दायर कर राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और जांच की मांग की थी। हालांकि, एमपी-एमएलए कोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया था।

एमपी-एमएलए कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए विग्नेश शिशिर ने इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में अपील दायर की। इस पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति राजीव सिंह की बेंच ने केंद्र सरकार से इस मामले से जुड़े सभी रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश दिया है। अदालत का कहना है कि चूंकि यह मामला भारत और ब्रिटेन दोनों से जुड़ा बताया जा रहा है, इसलिए गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय की जा सकेगी।
हाई कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 19 मार्च की तारीख तय की है। फिलहाल अदालत द्वारा रिकॉर्ड तलब किए जाने के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक और कानूनी बहस का केंद्र बन गया है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि केंद्र सरकार अदालत के सामने क्या दस्तावेज पेश करती है और आगे इस मामले में क्या रुख सामने आता है।