एलपीजी गैस की कीमतों में हुई बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ ने गैस की बढ़ी कीमतों को तुरंत वापस लेने की मांग की है। उनका कहना है कि 60 रुपये की बढ़ोतरी ने आम जनता की परेशानी और बढ़ा दी है और सरकार महंगाई से जूझ रही जनता को राहत देने के बजाय उस पर बोझ डाल रही है।
हर्षवर्धन सपकाळ ने कहा कि युद्ध जैसी परिस्थितियों का बहाना बनाकर जनता से वसूली करना गलत है। उन्होंने मांग की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एलपीजी गैस से जुड़ी नीति पर संसद में स्पष्ट बयान दें और सभी संबंधित पक्षों से चर्चा कर कोई ठोस निर्णय लें।

गैस की कीमतों में बढ़ोतरी और कथित कमी के विरोध में कांग्रेस ने राज्यभर में आंदोलन किया। प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ के नेतृत्व में नासिक जिले के त्र्यंबकेश्वर में भी विरोध प्रदर्शन किया गया, जहां बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल हुए।

इस दौरान मीडिया से बातचीत में सपकाळ ने आरोप लगाया कि देश में गैस सिलेंडर की कमी है, जबकि सरकार इस मुद्दे पर चुप है। उनका कहना है कि घरेलू गैस के साथ-साथ व्यावसायिक सिलेंडरों की कमी के कारण छोटे व्यवसाय, होटल और भोजनालयों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने राज्य की भाजपा महायुति सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि एक तरफ ‘लाडकी बहिण’ योजना के तहत 1500 रुपये देने की बात कही जाती है, तो दूसरी ओर महंगाई बढ़ाकर उसी जनता से पैसे वसूले जा रहे हैं।

आंदोलन के दौरान हर्षवर्धन सपकाळ ने गैस वितरक के कार्यालय का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और गैस लेने आई महिलाओं से भी बातचीत की। महिलाओं ने गैस की कीमतों में बढ़ोतरी पर नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार ने रोजमर्रा की जिंदगी को और महंगा बना दिया है।
कांग्रेस के मुताबिक, नागपुर, पुणे, ठाणे, वर्धा, बुलढाणा, गोंदिया, पालघर, भिवंडी, कल्याण-डोंबिवली, धाराशिव, चंद्रपुर के राजुरा और पनवेल समेत राज्य के कई जिलों में गैस दरवृद्धि और कमी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए गए।