महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बयानबाज़ी तेज हो गई है। कांग्रेस ने राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रुपाली चाकणकर पर गंभीर सवाल उठाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है। पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता अतुल लोंढे ने साफ कहा है कि अरविंद शिंदे का बयान उनका निजी मत हो सकता है, लेकिन कांग्रेस की आधिकारिक भूमिका बेहद स्पष्ट है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि तथाकथित “महाराष्ट्र के एपस्टीन” कहे जा रहे खरात का मामला बेहद गंभीर है और इसमें किसी भी तरह की ढील या माफी की गुंजाइश नहीं है। पार्टी का दावा है कि रुपाली चाकणकर और खरात के बीच संबंध साफ तौर पर दिखाई दे रहे हैं, जो इस पूरे मामले को और गंभीर बनाता है।

अतुल लोंढे ने यह भी कहा कि चाकणकर के कंधों पर राज्य की महिलाओं की सुरक्षा और उनकी देखरेख की बड़ी जिम्मेदारी है, लेकिन वे इस जिम्मेदारी को निभाने में पूरी तरह विफल रही हैं। ऐसे में नैतिक आधार पर उन्हें अपने पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।
कांग्रेस ने साफ तौर पर मांग की है कि रुपाली चाकणकर तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें, ताकि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो सके और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार की जवाबदेही तय की जा सके ।