महाराष्ट्र के सबसे महत्वपूर्ण और व्यस्त हाईवे प्रोजेक्ट्स में शामिल मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे का 10 लेन विस्तार प्रोजेक्ट एक बार फिर अटक गया है। करीब 16 हजार करोड़ रुपये की लागत वाले इस मेगा प्रोजेक्ट पर फंड की कमी और तकनीकी अड़चनों के कारण काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
मुंबई और पुणे के बीच बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए इस एक्सप्रेसवे को 6 लेन से बढ़ाकर 10 लेन करने की योजना बनाई गई थी। सरकार का दावा था कि प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद यात्रा का समय कम होगा और लगातार बढ़ रहे हादसों पर भी रोक लगेगी। लेकिन अब प्रोजेक्ट की रफ्तार धीमी पड़ने से यात्रियों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर की चिंता बढ़ गई है।
सूत्रों के मुताबिक प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण, पर्यावरणीय मंजूरी और बजट आवंटन जैसी कई प्रक्रियाएं अब तक पूरी नहीं हो सकी हैं। इसके अलावा निर्माण लागत बढ़ने से भी प्रोजेक्ट पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है।
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे महाराष्ट्र की लाइफलाइन माना जाता है। रोजाना हजारों वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं। छुट्टियों और वीकेंड के दौरान इस हाईवे पर लंबा ट्रैफिक जाम आम बात हो गई है। ऐसे में 10 लेन विस्तार को लेकर लोगों को बड़ी उम्मीदें थीं।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर प्रोजेक्ट में और देरी हुई तो आने वाले वर्षों में ट्रैफिक की समस्या और गंभीर हो सकती है। वहीं विपक्ष ने भी सरकार पर बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को लेकर लापरवाही का आरोप लगाया है।
सरकार की ओर से फिलहाल यह कहा गया है कि प्रोजेक्ट को जल्द शुरू करने के लिए नए फंडिंग मॉडल और तकनीकी विकल्पों पर काम किया जा रहा है। हालांकि अभी तक इसकी नई समयसीमा घोषित नहीं की गई है।