
NEET पेपर लीक मामले में महाराष्ट्र के पिंपरी चिंचवाड़ स्थित एक स्कूल की सीनियर फिजिक्स लेक्चरर मनीषा संजय हवलदार को गिरफ्तार किए जाने के बाद संस्थान ने उन्हें तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। आरोपी टीचर 1992 से सेठ हीरालाल सरस्वती प्रशाला में कार्यरत थीं और 30 जून को रिटायर होने वाली थीं।
स्कूल प्रबंधन ने इस मामले को गंभीर बताते हुए इसे संस्थान और शिक्षा जगत के लिए विश्वासघात करार दिया है। स्कूल सचिव डॉ. सतीश गावड़े ने बताया कि पूरे मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय आंतरिक समिति गठित की गई है, जो यह पता लगाएगी कि आरोपी किस स्तर तक इस गतिविधि में शामिल थीं और किन परिस्थितियों में यह हुआ।
जांच एजेंसियों के अनुसार मनीषा हवलदार को NEET परीक्षा प्रक्रिया में विशेषज्ञ के तौर पर नियुक्त किया गया था, और उनकी पहुंच फिजिक्स के प्रश्नपत्र से जुड़े महत्वपूर्ण हिस्सों तक थी। आरोप है कि अप्रैल 2026 में उन्होंने कुछ प्रश्न अन्य आरोपी के साथ साझा किए, जिसके बाद पेपर लीक का नेटवर्क सामने आया।
इस पूरे मामले में अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिल्यानगर जैसे शहरों के आरोपी शामिल हैं। CBI पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह रैकेट कितना बड़ा है।
इधर, छात्रों के लिए राहत की खबर यह है कि NTA ने फीस रिफंड के लिए एक विशेष पोर्टल खोला है। उम्मीदवार 27 मई तक अपने बैंक अकाउंट डिटेल्स जमा कर सकते हैं, ताकि परीक्षा रद्द होने के बाद शुल्क वापस किया जा सके।
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त निगरानी की जरूरत है।