Home ट्रेंडिंगRSS के 100 साल के कार्यक्रम में सलमान खान की मौजूदगी, मोहन भागवत बोले संघ किसी के खिलाफ नहीं, हिंदुत्व भारतीयता का भाव

RSS के 100 साल के कार्यक्रम में सलमान खान की मौजूदगी, मोहन भागवत बोले संघ किसी के खिलाफ नहीं, हिंदुत्व भारतीयता का भाव

by Real Khabren
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मुंबई में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान की मौजूदगी ने सबका ध्यान खींचा। इस कार्यक्रम में सलमान खान फिल्ममेकर सुभाष घई और गीतकार प्रसून जोशी के साथ मंच के सामने बैठे नजर आए और संघ प्रमुख मोहन भागवत का पूरा संबोधन सुना।
अपने भाषण में RSS प्रमुख मोहन भागवत ने हिंदुत्व और संघ की भूमिका को लेकर कई अहम बातें रखीं। उन्होंने कहा कि भारत में रहने वाला हर व्यक्ति हिंदू है और हिंदू किसी एक पूजा-पद्धति, भाषा या पहनावे से नहीं जुड़ा है। हिंदू एक सांस्कृतिक पहचान है, जिसे भारतीयता भी कहा जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि RSS किसी खास समुदाय के खिलाफ नहीं है और न ही उसकी सत्ता या पावर पाने की कोई इच्छा है।

भागवत ने यह भी कहा कि संघ सीधे तौर पर राजनीति में शामिल नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर होने वाली चर्चाओं पर उन्होंने कहा कि बीजेपी एक अलग राजनीतिक दल है, जिसमें संघ के स्वयंसेवक हो सकते हैं, लेकिन संघ स्वयं राजनीति नहीं करता। RSS का उद्देश्य समाज को जोड़ना और सकारात्मक प्रयासों को मजबूती देना है।
देश के बंटवारे का जिक्र करते हुए भागवत ने कहा कि सभी धर्मों का सम्मान करना हिंदू भाव का मूल है। इस्लाम और ईसाई धर्म आज भी भारत में मौजूद हैं। मतभेद और झड़पें होती हैं, लेकिन इसके बावजूद देश एकजुट रहा है। उन्होंने कहा कि हिंदू भाव को भुला देना भी बंटवारे का एक बड़ा कारण रहा।

संघ प्रमुख ने हिंदुत्व को किसी पर थोपने की सोच से अलग बताते हुए कहा कि हिंदुत्व अपनाने से किसी को कुछ छोड़ना नहीं पड़ता। न पूजा-पद्धति बदलती है, न भाषा और न ही जीवनशैली। हिंदुत्व का मतलब सुरक्षा और साथ-साथ रहने का भरोसा है।


अपने संबोधन में मोहन भागवत ने समाज सुधारकों राजा राम मोहन रॉय, स्वामी विवेकानंद और दयानंद सरस्वती का उल्लेख करते हुए कहा कि इन विचारधाराओं ने देश के समाज को जागरूक करने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने RSS के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के जीवन संघर्ष का भी जिक्र किया और कहा कि समाज को दिशा देने और समरसता का वातावरण बनाने के लिए संघ लगातार काम करता रहेगा।
RSS के शताब्दी समारोह के मंच से दिए गए इस संदेश में संघ ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य किसी का विरोध नहीं, बल्कि देश और समाज को जोड़ना है।

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