अजित दादा के विमान हादसे को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बन ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में विपक्षी नेताओं संजय राउत और रोहित पवार पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने आरोप लगाया कि अजित दादा के निधन के बाद दोनों नेता रोजाना नए-नए आरोप लगाकर जनता को गुमराह करने और राजनीतिक प्रसिद्धि हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। नवनाथ बन ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में राज्य सरकार इस हादसे की गंभीरता से जांच करवा रही है। केंद्र सरकार और डीजीसीए स्तर पर भी जांच जारी है, जबकि सीबीआई जांच की मांग पर भी सकारात्मक विचार हो रहा है।
बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि अजित दादा महायुति सरकार में उपमुख्यमंत्री रहे और एनडीए का हिस्सा थे। ऐसे में उनके महाविकास अघाड़ी में जाने के दावे करना निराधार और भ्रामक है। उन्होंने संजय राउत पर तंज कसते हुए कहा कि बेबुनियाद बयानबाजी की बजाय उन्हें अपनी राजनीतिक प्रवक्तागिरी बंद कर वेब सीरीज लेखन पर ध्यान देना चाहिए।

नवनाथ बन ने यह भी स्पष्ट किया कि हादसे में शामिल विमान का ब्लैक बॉक्स सुरक्षित है और उससे सच्चाई सामने आने में थोड़ा समय लग सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब शरद पवार गुट के सांसद लोकसभा और राज्यसभा में मौजूद हैं, तो इस मुद्दे को संसद में उठाने के लिए संजय राउत की जरूरत क्यों पड़ी।
एफआईआर के मुद्दे पर भी बीजेपी ने विपक्ष को घेरा। प्रवक्ता ने कहा कि विमान दुर्घटना के मामलों में सामान्यतः ‘एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट’ दर्ज होती है, और ऐसा किया भी जा चुका है। इसके बावजूद रोहित पवार द्वारा मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराने की मांग को उन्होंने ‘प्रचार की राजनीति’ करार दिया।
बीजेपी का कहना है कि यदि किसी के पास वीएसआर कंपनी या अन्य किसी पहलू से जुड़े ठोस सबूत हैं, तो उन्हें जांच एजेंसियों को सौंपना चाहिए, न कि मीडिया के जरिए आरोपों की राजनीति करनी चाहिए।
विमान हादसे की जांच जारी है, लेकिन उससे पहले ही सियासी बयानबाजी ने महाराष्ट्र की राजनीति को गरमा दिया है।