Home राज्यमहाराष्ट्रअजित पवार के विमान हादसे पर बड़ा खुलासा? “अपघात या घातपात” रोहित पवार ने उठाए गंभीर सवाल

अजित पवार के विमान हादसे पर बड़ा खुलासा? “अपघात या घातपात” रोहित पवार ने उठाए गंभीर सवाल

by Suhani Sharma
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अजित पवार के विमान हादसे पर

मुंबई: अजित पवार के विमान हादसे को लेकर सियासत और संदेह दोनों गहराते जा रहे हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस शरदचंद्र पवार गुट के विधायक रोहित पवार ने इस पूरे मामले पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने साफ कहा कि यह सिर्फ एक हादसा है या इसके पीछे कोई साजिश है, यह सवाल अभी भी कायम है और अब जांच की दिशा घातपात की ओर जाती दिखाई दे रही है।


मुंबई में पत्रकारों से बातचीत करते हुए रोहित पवार ने बताया कि 27 तारीख को कौन मिलने आया था, किसका फोन आया था, और शाम 6 बजकर 50 मिनट से 7 बजकर 5 मिनट तक किससे बातचीत हुई ये सभी अहम बिंदु हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल वे इतनी ही जानकारी सार्वजनिक कर रहे हैं, लेकिन जांच की दिशा कई सवाल खड़े कर रही है।

रोहित पवार ने विमान में भरे गए ईंधन को लेकर भी गंभीर शंका जताई। उनका कहना था कि जब विमान मुंबई से बारामती जा रहा था, तब फ्यूल टैंक पूरी तरह भरे गए थे। सवाल यह है कि इतनी कम दूरी के लिए फुल टैंक की जरूरत क्या थी? अगर आगे हैदराबाद जाना था तो वहां भी ईंधन भरा जा सकता था। उन्होंने यह भी कहा कि अगर महाराष्ट्र में ईंधन सस्ता होने का तर्क दिया जाए तो गुजरात में उससे भी सस्ता है। ऐसे में बारामती की ओर जाते समय इतनी मात्रा में ईंधन भरने का कारण क्या था?
हादसे की प्रकृति पर बात करते हुए रोहित पवार ने कहा कि विमान रनवे पर नहीं बल्कि कठोर सतह पर गिरा, जिससे टक्कर ज्यादा तेज हुई। उन्होंने दावा किया कि विमान में अतिरिक्त फ्यूल टैंक थे और ब्लैक बॉक्स भी उसी हिस्से के पास था। सरकार की एजेंसी द्वारा ब्लैक बॉक्स जल जाने की जानकारी पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों के अनुसार ब्लैक बॉक्स 1100 डिग्री सेल्सियस तापमान में भी एक घंटे तक सुरक्षित रह सकता है और छह हजार मीटर गहराई तक पानी का दबाव सह सकता है। ऐसे में उसके पूरी तरह नष्ट होने की बात संदेह पैदा करती है।

मेंटेनेंस और नियामकीय प्रक्रिया पर भी उन्होंने सवाल उठाए। उनका कहना था कि अकाउंटेबल मैनेजर का नाम वेबसाइट से हटाया गया, जबकि डीजीसीए ने उसका इंटरव्यू लिया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पायलट कपूर दो अलग-अलग श्रेणी के विमान उड़ा रहे थे, जो नियमों के खिलाफ है। उन्होंने डीजीसीए से अपील की कि कागजों में हेरफेर न किया जाए।


बीमा को लेकर भी रोहित पवार ने बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विमान की वास्तविक कीमत 10 से 15 करोड़ रुपये आंकी जा रही थी, जबकि उस पर 55 करोड़ रुपये का बीमा था। वहीं कुल देनदारी बीमा 210 करोड़ रुपये का था। ऐसे में उन्होंने सवाल उठाया कि क्या बीमा का पहलू भी इस हादसे के पीछे कोई वजह हो सकता है? उन्होंने यह भी कहा कि मुख्य पायलट की आर्थिक और व्यक्तिगत स्थिति की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
अंत में रोहित पवार ने कहा कि इस मामले में बड़े निवेशकों का दबाव हो सकता है और कंपनी को बचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने निवेशकों से अपील की कि 100-200 करोड़ रुपये के लिए सच्चाई को न दबाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पारदर्शी जांच नहीं हुई तो वे चुप नहीं बैठेंगे।
फिलहाल यह मामला हादसा था या साजिश, यह जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगा, लेकिन रोहित पवार के इन बयानों ने राजनीतिक और कानूनी हलकों में नई बहस जरूर छेड़ दी है।

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