मिडिल ईस्ट से एक बड़ी और ऐतिहासिक खबर सामने आई है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की इजरायल और अमेरिका के कथित हमले में मौत की पुष्टि ईरान के सरकारी मीडिया ने कर दी है। रविवार सुबह ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर IRIB ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की कि देश के सर्वोच्च धार्मिक और राजनीतिक नेता अब इस दुनिया में नहीं रहे।
इससे पहले अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए खामेनेई के मारे जाने का दावा किया था। उनके इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज हो गई थी। बाद में ईरान की समाचार एजेंसियों ने भी हमले और मौत की पुष्टि की।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेहरान स्थित खामेनेई के हाई-सिक्योरिटी कंपाउंड पर शनिवार सुबह हमला हुआ। बताया जा रहा है कि उस समय वह अपने कार्यालय में मौजूद थे। हमले के बाद सैटेलाइट तस्वीरों में परिसर से काला धुआं उठता देखा गया।

ईरान सरकार ने खामेनेई की मौत के बाद 40 दिन के सार्वजनिक शोक की घोषणा की है। साथ ही देशभर में सात दिन की छुट्टी का भी ऐलान किया गया है। राजधानी तेहरान में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और कई इलाकों में लोगों के सड़कों पर उतरने की खबरें हैं।
अयातुल्ला अली खामेनेई ने 1989 में अपने पूर्ववर्ती रूहोल्लाह खुमैनी के निधन के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर का पद संभाला था। इससे पहले वह 1980 के दशक में ईरान के राष्ट्रपति भी रह चुके थे। तीन दशक से अधिक समय तक उन्होंने ईरान की विदेश नीति, सैन्य रणनीति और क्षेत्रीय प्रभाव को दिशा दी।
विशेषज्ञों का मानना है कि खामेनेई की मौत से मिडिल ईस्ट की राजनीति में बड़ा बदलाव आ सकता है। क्षेत्रीय तनाव और बढ़ने की आशंका के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब तेहरान की अगली राजनीतिक और सैन्य रणनीति पर टिकी हुई हैं।