तेहरान से बड़ी राजनीतिक खबर सामने आई है। पाकिस्तान में तैनात ईरान के राजदूत रजा अमीरी मोघदाम ने खुलासा किया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रात लगभग 1 बजे ईरान को एक महत्वपूर्ण संदेश भेजा। इस संदेश में ट्रंप ने साफ कहा कि अमेरिका ईरान पर हमला नहीं करना चाहता।
बताया जा रहा है कि ट्रंप ने पहले ईरान में जारी प्रदर्शनकारियों को ‘मदद’ भेजने का संकेत दिया था, लेकिन इसके बजाय उन्होंने बैकडोर डील के तहत ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के साथ सीधा समझौता कर लिया। इस डील के तहत ट्रंप ने खामेनेई से शर्त रखी, जिसके मुताबिक प्रदर्शनकारियों को दी जाने वाली फांसी रद्द करनी होगी। ईरान ने इस शर्त को तुरंत स्वीकार कर लिया और सुबह होते ही ऐलान किया गया कि प्रदर्शनकारियों की फांसी को रोक दिया गया है।

राजदूत अमीरी मोघदाम के अनुसार, ट्रंप का संदेश सभी संबंधित अमेरिकी अधिकारियों तक सर्कुलेट किया गया और पाकिस्तान में तैनात ईरानी अधिकारियों तक भी पहुंचा। अमेरिका ने ईरान को चेतावनी दी कि अमेरिकी हितों को निशाना न बनाया जाए और हालात को संयम के साथ संभाला जाए।
हालांकि, इस बीच मानवाधिकार संगठनों ने चौंकाने वाला दावा किया है कि ईरान में अब तक 3,428 लोगों की मौत हो चुकी है। देश में इंटरनेट बंद होने का एक हफ्ता पूरा हो चुका है, जिससे लोगों की आवाज़ बाहर तक नहीं पहुंच पा रही है।

इस पूरी घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है, क्योंकि ट्रंप की अचानक रणनीति बदलने और ईरान के साथ समझौता करने की वजह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई है।