मध्य पूर्व में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किए गए संयुक्त सैन्य अभियान के 36 घंटे बाद हालात और भी गंभीर हो गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei के सभी संभावित उत्तराधिकारी मारे जा चुके हैं।
ट्रंप के मुताबिक, इस सैन्य कार्रवाई में ईरान के 48 शीर्ष नेताओं को खत्म कर दिया गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरानी नौसेना के 9 जहाज नष्ट कर दिए गए हैं और उसका नेवी हेडक्वार्टर भारी क्षति का शिकार हुआ है। अमेरिका का कहना है कि उसने Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) के मुख्यालय को तबाह कर दिया है।

उधर, इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कहा है कि उन्होंने रक्षा मंत्री और सेना प्रमुख के साथ बैठक कर अभियान को और तेज करने के निर्देश दिए हैं। नेतन्याहू ने दावा किया कि तेहरान के “दिल” पर हमले जारी रहेंगे और आने वाले दिनों में हजारों लक्ष्यों को निशाना बनाया जाएगा।
दूसरी ओर, ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई का दावा किया है। ईरानी कमांडरों का कहना है कि कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए गए हैं। साथ ही अमेरिकी विमानवाहक पोत अब्राहम लिंकन पर मिसाइल हमले का भी दावा किया गया है। ईरान ने 560 अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने या घायल होने की बात कही है, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।
क्षेत्रीय तनाव के बीच दुबई एयरपोर्ट और बुर्ज खलीफा जैसे अहम ठिकानों को भी निशाना बनाए जाने की खबरें हैं, जिससे खाड़ी देशों में अलर्ट बढ़ा दिया गया है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच अमेरिकी युद्ध मंत्रालय स्थानीय समयानुसार सुबह 8 बजे प्रेस वार्ता करेगा, जो भारतीय समयानुसार शाम 6:30 बजे होगी। माना जा रहा है कि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में आगे की रणनीति और सैन्य कार्रवाई को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी जा सकती है।
मध्य पूर्व की यह जंग अब व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष का रूप लेती दिख रही है और पूरी दुनिया की नजरें वॉशिंगटन, तेहरान और तेल अवीव पर टिकी हुई हैं।